प्रारंभिक शिक्षा जितनी अच्छी होगी उतनी अधिक उन्नति करेंगे विद्यार्थीः कुशवाह

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– मंत्री कुशवाह के मुख्य आतिथ्य में शिक्षकों की विचार गोष्ठी एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित

ग्वालियर, 08 अगस्त (हि.स.)। शिक्षा राष्ट्र निर्माण का सबसे अहम पहलू है। प्रारंभिक शिक्षा जितनी अच्छी होगी विद्यार्थी उतनी अधिक उन्नति करेंगे। इसलिए प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने वाले गुरू एवं शिक्षक हमारी संस्कृति में विशेष रूप से सम्माननीय माने जाते हैं। हमारी संस्कृति में माता-पिता के साथ गुरू का स्थान सबसे ऊपर रखा गया है।

यह विचार उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भारत सिंह कुशवाह ने सोमवार को यहाँ बाल भवन में जिले की प्रारंभिक शिक्षा को और अधिक बेहतर बनाने के उद्देश्य से आयोजित विचार गोष्ठी सह बुनियादी, साक्षरता एवं संख्या ज्ञान का प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों के एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत की अध्यक्ष दुर्गेश कुँवर सिंह ने की।

इस विचार गोष्ठी सह प्रशस्ति पत्र वितरण समारोह में मुरार ग्रामीण क्षेत्र के लगभग 250 शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए। साथ ही 4 मास्टर ट्रेनर्स को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जनपद पंचायत मुरार के अध्यक्ष दिलराज किरार तथा सतेन्द्र सिंह घुरैया सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिला परियोजना समन्वयक रविन्द्र सिंह तोमर, डाईट की प्राचार्य साधना द्विवेदी व विकासखण्ड मुरार ग्रामीण के बीआरसी निरंजन घुरैया सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

राज्य मंत्री कुशवाह ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की यह सोच है कि गरीब, बेसहारा, पिछड़े और वंचित समुदाय के बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा मिले। साथ ही प्रारंभिक शिक्षा बेहतर बने और नवीन एवं डिजिटल तकनीक का उपयोग पढ़ाई में हो। इसी उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों के पहली व दूसरी कक्षा के शिक्षकों को एफएलएन (फाउण्डेशन लिट्रेसी न्यूमेरेसी) का प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है।

जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गेश जाटव ने भी कार्यक्रम में विचार व्यक्त किए। साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मंशा के अनुसर घर-घर हिरंगा फहराने और अंकुर अभियान के तहत वृहद स्तर पर वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।