रतलाम, 18 मई (हि.स.)। रतलाम-झाबुआ क्षेत्र के सांसद गुमानसिंह डामोर नेे बताया कि इन्दौर -दाहोद रेल लाईन शीघ्र ही निकट भविष्य में सफलता प्राप्त करेगी । इस संबंध में रेल मंत्री ने आश्वासन दिया है। रेल मंत्रालय ने भी विगत 8 अप्रेल को अधिसूचना अपने राजपत्र में भी जारी कर दी है। विशेष रेल परियोजना के सन्दर्भ में दाहोद-इन्दौर नई बडी लाइ्रन वाया झाबुआ, सरदारपुर,धार एवं पीथमपुर के लिये भूमि अधिग्रहण के निष्पादन, अनुरक्षण, प्रबंधन और प्रचालन के लोक प्रयोजन के लिये अनुविभागीय अधिकारी धार को उक्त अधिनियम के अधीन ऐसे अधिकारी के रूप मे कृत्यों का निर्वहन करने लिये सक्षम अधिकारी के रूप में प्राधिकृत कर दिया है । इससे निश्चित तौर पर इस लाईन के लिये आने वाली बाधायें भी समाप्त हो जायेगी ।
केन्द्र सरकार ने भी तेजी से इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट पर फिर से काम शुरू करने का फैसला लिया है। यह प्रोजेक्ट दो साल साल से बंद था. इस प्रोजेक्ट की लागत 2000 करोड़ रुपये है. 200 किलोमीटर से अधिक लंबी रेललाइन की शुरुआत 2008 में हुई थी. इंदौर से टीही तक का काम पूरा हो चुका है लेकिन इस पर अभी कंटेनर ट्रेन चलाई जा रही है। इस रेल लाइन के बन जाने पर इंदौर से गुजरात और महाराष्ट्र का सफर आसान होगा ।. इस प्रोजेक्ट में 41 बड़े जबकि 32 छोटे-बड़े रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे. रेल लाइन इंदौर, पीथमपुर, धार, सरदारपुर, झाबुआ, छोटा उदयपुर होते हुए दाहोद को जोड़ेगी।
गौरतलब है कि ये रेल लाइन इंदौर, पीथमपुर, धार, सरदारपुर, झाबुआ, छोटा उदयपुर होते हुए दाहोद को जोड़ेगी. इसकी लंबाई 204. 76 किलोमीटर है. पीथमपुर, सागौर, गुनावद, धार, तिरला, अमझेरा, सरदारपुर, राजगढ़, पानपुरा, उमरकोट, अंबलवानी, फतेहपुरा, झाबुआ, पिटोल, कतवारा शहर और कस्बे के लोग रेल लाइन से सीधे कनेक्ट हो जाएंगे । दाहोद लाइन की पहली सुरंग टीही और पीथमपुर स्टेशन के बीच बनना है. करीब दो किलोमीटर लंबी इस सुरंग के बनने के बाद ही पीथमपुर और धार तक रेल लाइन पहुंच पाएगी. अन्य सुरंगें धार से झाबुआ के बीच बनेंगी जिनका निर्माण खासतौर पर माछलिया घाट वाले हिस्से में होगा।़