कृषि विश्वविद्यालय का केंद्र सर्वश्रेष्ठ घोषित, भोपाल में मिला सम्मान

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धर्मशाला, 21 अप्रैल । चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्टता का परिचय देते हुए गौरव अर्जित किया है। विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना–मृदा एवं पौधों में सूक्ष्म एवं द्वितीयक पोषक तत्वों तथा प्रदूषक तत्वों पर केंद्र को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान, भोपाल में आयोजित 30वीं द्विवार्षिक कार्यशाला में सर्वश्रेष्ठ केंद्रों में से एक घोषित किया गया।

यह सम्मान केंद्र के प्रभारी डॉ. प्रदीप कुमार, प्रोफेसर (मृदा विज्ञान) ने प्राप्त किया। यह उपलब्धि मृदा विज्ञान एवं पोषक तत्व प्रबंधन के क्षेत्र में पालमपुर केंद्र द्वारा किए जा रहे निरंतर उत्कृष्ट एवं प्रभावी अनुसंधान कार्यों को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि इस केंद्र ने लगातार पिछले चार अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना द्विवार्षिक बैठकों में भी शीर्ष केंद्रों में स्थान बनाए रखते हुए अपनी उत्कृष्टता का निरंतर प्रदर्शन किया है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक कुमार पांडा ने इस उपलब्धि पर डॉ. प्रदीप कुमार एवं उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने उनके निरंतर प्रयासों, समर्पण एवं वैज्ञानिक योगदानों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी उपलब्धियां कृषि अनुसंधान में विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता तथा मृदा स्वास्थ्य एवं पोषक तत्व प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौतियों के समाधान में इसकी भूमिका को और सुदृढ़ करती हैं।

मृदा विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. राज पॉल शर्मा ने भी डॉ. प्रदीप कुमार एवं उनकी पूरी टीम को हार्दिक बधाई देते हुए उनके परिश्रम एवं राष्ट्रीय स्तर पर निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को एक अग्रणी कृषि अनुसंधान संस्थान के रूप में और सुदृढ़ करती है तथा देश में सतत मृदा एवं फसल प्रबंधन के क्षेत्र में इसके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करती है