एरीज में कर्मचारी ने रात्रि में परिवार सहित दिया धरना

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नैनीताल, 8 मई (हि.स.)। स्थानीय एरीज नैनीताल के लिए बन रही सड़क के निर्माण कार्य में लगे कुछ लोगों को एरीज परिसर में रहने के लिए स्थान देने पर एरीज कर्मचारी संगठन के लोग भड़क गए। इस बात पर पहले रात्रि में प्रभावित परिवार और रविवार को कर्मचारी संगठन के कुछ लोग, प्रभावित परिवार की महिला व बच्चे एरीज प्रशासन पर ‘अनियमितता, तानाशाही व कर्मचारी उत्पीड़न’ जैसे बड़े आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए। हालांकि एरीज प्रबंधन का दावा है कि मामले का निपटारा कर दिया गया है।

आंदोलित कर्मचारियों का कहना था कि एरीज प्रबंधन ने सड़क पर डामरीकरण के कार्य में लगे मुरादाबाद आदि के रहने वाले लेबरों को नियमों को ताक पर रखकर 20-25 दिन के लिए रहने के लिए दे दिया है। जबकि एरीज के कर्मचारियों को आवास नियम-कानून बताकर नहीं दिए जाते हैं। इसलिए रात्रि में प्रभावित परिवार के लोग, महिला व बच्चे धरने पर बैठे रहे और रविवार को कर्मचारी संगठन भी उनके समर्थन में आ गया।

इस बारे में पूछे जाने पर एरीज के रजिस्ट्रार रवींद्र कुमार यादव ने कहा कि लेबरों नहीं बल्कि काम देखने वाले पांच मेठों को बरसात के मौसम को देखते हुए एक कक्ष दिया गया था। आपत्ति के बाद अब उन्हें यहां से हटाकर सुरक्षा कर्मियों के पास के एक कक्ष में स्थानांतरित किया जा रहा है। मामला निपट गया है।