चंडीगढ़, 08 नवंबर । पंजाब पुलिस ने रविवार को डोनी बल-प्रभ दासूवाल गैंग के प्रमुख सरगना गुरविंदर उर्फ अफरीदी को इथियोपिया से डिपोर्ट करवाकर भारत वापस लाने में सफलता हासिल की। 10 महीने तक चली अंतरराष्ट्रीय तलाश के बाद उसे ऑपरेशन ‘शहीद’ के तहत गिरफ्तार किया गया। वह रविवार सुबह नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचा।
गुरविंदर उर्फ अफरीदी पंजाब में हत्या और अन्य संगीन अपराधों सहित कुल 35 मामलों में वांछित था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह पहला मौका है जब पंजाब पुलिस ने किसी अफ्रीकी देश से एक फरार अपराधी को डिपोर्ट करवाने में सफलता हासिल की है।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि यह कार्रवाई पंजाब की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने काउंटर इंटेलिजेंस की ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्राडिशन सेल (ओएफटीईसी) के साथ मिलकर केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से अंजाम दी।
अफरीदी की गिरफ्तारी के लिए पंजाब सरकार ने पांच लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया हुआ था। उसके खिलाफ दर्ज 35 मामलों में पांच मामले पंजाब में हुई चर्चित हत्याओं से संबंधित हैं। इनमें अक्टूबर 2024 में आम आदमी पार्टी के सरपंच राजविंदर उर्फ राज तलवंडी की हत्या और मार्च 2025 में 12 वर्षीय गुरसेवक सिंह की हत्या शामिल है।
इसके अलावा मार्च 2025 में विक्की चुग, मई 2025 में जसवंत सिंह और सितंबर 2025 में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष गुरमेल सिंह की हत्या के मामले में भी वह वांछित है।
डीजीपी के अनुसार, पुलिस जांच में सामने आया है कि अफरीदी विदेश में बैठकर पंजाब में टारगेट किलिंग, फिरौती के लिए गोलीबारी और संगठित आपराधिक गतिविधियों को कथित तौर पर संचालित कर रहा था।
इस ऑपरेशन के तहत एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका के कई देशों में लगातार खुफिया जानकारी जुटाई गई, निगरानी की गई और उसकी लोकेशन ट्रैक की गई। इस पूरी कार्रवाई में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया गया।
