मध्य प्रदेश में ठंड ने पकड़ी रफ्तार, 14 शहरों में रात का पारा 15 डिग्री से नीचे, 10 नवंबर से बदलेगा मौसम

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भोपाल, 08 नवम्बर । मध्य प्रदेश में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। रात में तापमान गिरने के साथ सुबह के समय कई इलाकों में धुंध छाने लगी है। बीती शनिवार रात प्रदेश के 14 शहरों में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। इनमें हिल स्टेशन पचमढ़ी भी शामिल है। भोपाल और इंदौर में भी रात का पारा नीचे आया है।

मौसम विभाग के मुताबिक, दिवाली पर प्रदेश में कहीं भी आंधी या बारिश का अलर्ट नहीं है। पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने का अनुमान है। इससे त्योहार के दौरान लोगों को मौसम की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। वहीं, 10 नवंबर से उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश में ठंडी हवाएं आने की संभावना है। इससे रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है।

बीती रात कटनी जिले के करौंदी में न्यूनतम तापमान 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, इंदौर में पारा 12.5 डिग्री रहा, जबकि प्रदेश के प्रमुख हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री दर्ज हुआ। इस तरह इंदौर की रात पचमढ़ी से भी ठंडी रही। इसके अलावा शहडोल के कल्याणपुर में 12.4 डिग्री, रायसेन में 12.6 डिग्री और भोपाल व अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में रात के तापमान में और गिरावट होने की संभावना है। अगले तीन दिनों में यहां न्यूनतम तापमान 1 से 2 डिग्री तक लुढ़क सकता है। दिन के तापमान की बात करें तो बालाघाट के मलाजखंड में अधिकतम तापमान सबसे कम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, नवंबर के दूसरे सप्ताह से प्रदेश में ठंड का असर और तेज होगा। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग में उत्तर दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण रात का तापमान तेजी से गिर सकता है। ग्वालियर में 57 साल पहले नवंबर के महीने में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं, उज्जैन में 53 साल पहले रात का पारा 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।