सुल्तानगंज-अगुवानी गंगा पुल निर्माण को मिली रफ्तार, 2027 के अंत तक चालू होने की उम्मीद

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भागलपुर, 08 नवंबर । जिले के सुल्तानगंज और खगड़िया के अगुवानी घाट के बीच गंगा नदी पर बन रहे महत्वाकांक्षी फोरलेन महासेतु के निर्माण कार्य ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है।

हाल ही में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के चेयरमैन धर्मेंद्र कुमार ने सुल्तानगंज पहुंचकर निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को काम में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि लगभग 1,710 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस 3.16 किलोमीटर लंबे मुख्य पुल (एप्रोच रोड सहित कुल 25 किलोमीटर) को अब नवंबर-दिसंबर 2027 तक पूरा कर चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस संबंध में प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विक्रमशिला सेतु पर बढ़ते दबाव और क्षतिग्रस्त होने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क बनाए रखने के लिए इस पुल का जल्द तैयार होना बेहद जरूरी है।

फरवरी 2014 में शिलान्यास के बाद से इस परियोजना को कई बार झटके लगे। अप्रैल 2022, जून 2023 और अगस्त 2024 में निर्माणाधीन पुल के हिस्से गिरने के बाद इसकी गुणवत्ता और डिजाइन पर गंभीर सवाल उठे थे। अब आईआईटी रुड़की, गुवाहाटी और मध्यप्रदेश के विशेषज्ञों की निगरानी में संशोधित डिजाइन पर काम हो रहा है।

पुल के भार संतुलन और स्थायित्व को बढ़ाने के लिए सुल्तानगंज की ओर पिलर संख्या 2 से 5 के बीच तीन नए अतिरिक्त पिलर बनाए जा रहे हैं। साथ ही, गंगा की बीच धारा में पाया संख्या 10, 11 और 12 पर वेलकैप कटिंग और फाउंडेशन ढलाई का कार्य 24 घंटे शिफ्ट में चलाया जा रहा है। निर्माण एजेंसी एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन द्वारा 100 सदस्यीय तकनीकी दल के साथ युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है और हर सप्ताह इसकी प्रगति की समीक्षा हो रही है। इस पुल के पाया संख्या-10 पर पर्यटकों के लिए एक ‘डॉल्फिन ऑब्जर्वेटरी’ (वेधशाला) भी बनाई जा रही है, जहां से लोग गांगेय डॉल्फिन देख सकेंगे। पुल के चालू होने से भागलपुर और खगड़िया के अलावा सहरसा, मधेपुरा, सुपौल और झारखंड के बीच व्यापार तथा आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा।