भोपाल: फंदा जनपद कार्यालय को अरेरा हिल्स में शिफ्ट करने की मांग, जनपद के अधिकारियों ने विधायक विष्णु खत्री से की मुलाकात

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भोपाल, 20 अक्टूबर । मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल के कोहेफिजा स्थित ओल्ड सेक्रेटिएट परिसर में प्रस्तावित नए प्रशासनिक कॉरिडोर के लिए सरकारी कार्यालयों की शिफ्टिंग की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में फंदा जनपद पंचायत कार्यालय को रातीबड़ रोड स्थित क्षेत्रीय ग्रामीण प्रशिक्षण केंद्र बरखेड़ी में स्थानांतरित करने की तैयारी है। हालांकि, इस स्थान को लेकर जनपद के अधिकारियों, सरपंचों और सचिवों ने आपत्ति जताई है।

उनकी मांग है कि कार्यालय को रातीबड़ रोड के बजाय अरेरा हिल्स स्थित पंचायत राज एवं आजीविका मिशन के खाली भवन में शिफ्ट किया जाए, ताकि ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को कार्यालय पहुंचने में परेशानी न हो। इसी मांग को लेकर मंगलवार को जनपद पंचायत के अधिकारियों ने बैरसिया विधायक विष्णु खत्री से मुलाकात की। जनपद सीईओ शिवानी मिश्रा ने विधायक को प्रस्तावित स्थानांतरण से जुड़ी व्यावहारिक दिक्कतों से अवगत कराया।

अधिकारियों का कहना है कि अरेरा हिल्स में खाली पड़े भवन में कार्यालय संचालित होने से लोगों के लिए आवागमन अधिक सुविधाजनक रहेगा। विधायक विष्णु खत्री ने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि वे इस संबंध में पंचायत मंत्री से चर्चा करेंगे। मुलाकात के दौरान दिलीप कुमार शिंदे, राकेश कश्यप और सतीश चौरसिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

फंदा जनपद कार्यालय को रातीबड़ रोड स्थित क्षेत्रीय ग्रामीण प्रशिक्षण केंद्र बरखेड़ी में शिफ्ट किए जाने के प्रस्ताव का सरपंचों और सचिवों ने भी विरोध किया है। कुछ दिन पहले उन्होंने जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट के साथ जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। उनका कहना है कि कार्यालय दूर स्थानांतरित होने से जनपद क्षेत्र के ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों को शासकीय कामकाज के लिए आने-जाने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में कार्यालय के लिए अधिक सुविधाजनक स्थान तय किया जाना चाहिए।

ओल्ड सेक्रेटिएट परिसर में नए प्रशासनिक कॉरिडोर के तहत जी+7 मंजिला कंपोजिट ऑफिस बिल्डिंग विकसित की जानी है। इसमें कलेक्टर कार्यालय, संभागायुक्त कार्यालय और पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय सहित प्रमुख प्रशासनिक कार्यालय संचालित किए जाएंगे। परियोजना में जी+2 मंजिला मल्टीलेवल पार्किंग भी प्रस्तावित है, जिसकी क्षमता 80 ईसीएस होगी।

इसके अलावा परिसर में संप वेल, बिजली सब-स्टेशन और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना के तहत डेवलपर को दिए जाने वाले भूखंडों को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है। इनमें सबसे बड़ा सीएलपी-1 ब्लॉक 2.15 हेक्टेयर का होगा। इसके अलावा 0.63 हेक्टेयर और 0.58 हेक्टेयर के दो अन्य भूखंड भी प्रस्तावित हैं।

ओल्ड सेक्रेटिएट परिसर के कार्यालयों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की प्रक्रिया के तहत महिला एवं बाल विकास, कृषि, श्रम तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति विभाग के कार्यालय शिफ्ट किए जा चुके हैं। वहीं, तहसील और एसडीएम कार्यालय लालघाटी स्थित नए भवन में स्थानांतरित हो चुके हैं। प्रशासनिक स्तर पर कलेक्टोरेट के अभिलेखागार, अधिवक्ता हॉल, न्यायालय, पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय, साइबर सेल सहित परिसर के अन्य कार्यालयों की शिफ्टिंग को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं।