भोपाल, 20 अक्टूबर । मध्य प्रदेश में दशहरे के उत्सव में मौसम खलल डाल सकता है। मंगलवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, नर्मदापुरम और सागर संभाग के 25 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना जताई है। मौसम के इस अनुमान को देखते हुए भोपाल में रावण दहन की तैयारियों में जुटे कलाकारों ने पुतलों को बरसाती से ढक दिया है। वर्ष 2022 में बारिश के कारण रावण के पुतले ठीक से नहीं जल पाए थे। उस दौरान उन्हें जलाने के लिए केरोसिन और पेट्रोल का इस्तेमाल करना पड़ा था।
मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और ट्रफ के असर से प्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है। अगले चार दिन यानी 23 अक्टूबर तक अलग-अलग इलाकों में बारिश होने के आसार हैं। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति इससे अधिक भी रह सकती है।
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, रायसेन, सागर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश का अनुमान जताया है। वहीं, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने की संभावना है। जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में धूप निकल सकती है।
बारिश के बीच प्रदेश के कई इलाकों में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। बीती रात छिंदवाड़ा में न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कटनी के करौंदी में पारा 17.8 डिग्री, आलीराजपुर और गुना में 18 डिग्री, अमरकंटक में 18.4 डिग्री तथा नीमच के मरुखेड़ा में 18.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दूसरी ओर, दिन के तापमान में गर्मी का असर बना हुआ है। खंडवा, उज्जैन, खरगोन, रतलाम, राजगढ़ और रायसेन में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।
प्रदेश में पिछले चार दिनों से कई इलाकों में आंधी और बारिश का दौर जारी है। गुना में एक ही दिन में करीब साढ़े चार इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, शाजापुर, सीहोर, मंदसौर, उज्जैन, आगर-मालवा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल और छिंदवाड़ा में भी बारिश हुई।
इंदौर में सोमवार को दिनभर रुक-रुककर पानी गिरता रहा। प्रदेश के दूसरे जिलों में भी इसी तरह मौसम का मिजाज बदला रहा। कई इलाकों में तेज बारिश होने से जनजीवन और खुले में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों पर असर पड़ने की आशंका है।
मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को ही हो चुकी है। इस बार एक ही दिन में पूरे प्रदेश से मानसून लौट गया था। हालांकि, इसके बाद भी मौसम प्रणालियों के सक्रिय रहने से बारिश का सिलसिला थमा नहीं है। पिछले एक सप्ताह से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में आंधी-बारिश का असर देखा जा रहा है। बीते चार दिनों में कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई है। मंगलवार को भी मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है।
