ग्वालियर, 18 अक्टूबर । केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास कल देर रात एक अनियंत्रित ट्रक से कुचल कर 14 लाेगाें की माैत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस भीषण हादसे को पीड़ादायक और हृदयविदारक बताते हुए शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
मां शीतला के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को रौंदते हुए इस बेकाबू ट्रक ने 14 लोगों की जान ले ली। राज्य सरकार ने मृतकों के प्रत्येक परिवार को चार लाख रुपये, गंभीर घायलों को दो लाख रुपये और अन्य घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। इस हादसे में श्रद्धालुओं की असामयिक मृत्यु से केंद्रीय मंत्री सिंधिया गहरे व्यथित हैं।
सिंधिया ने सोशल मीडिया पर इस दुर्घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताते हुए मां जगदम्बा से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें, शोकसंतप्त परिजनों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें और सभी घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिले।
सिंधिया ने कहा कि इस दुख की घड़ी में उनकी गहरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं। वह मध्य प्रदेश शासन और जिले के प्रभारी मंत्री के निरंतर संपर्क में हैं। उन्हाेंने कहा कि हादसे के बाद राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों और घायलों को आर्थिक सहायता देने के साथ सभी घायलों का नि:शुल्क उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के प्रत्येक परिवार को चार लाख रुपये, गंभीर घायलों को दो लाख रुपये और अन्य घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
ग्वालियर हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में राज्य सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ है। मुख्यमंत्री ने राज्य शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये, गंभीर घायलों को दो-दो लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। सभी घायलों का नि:शुल्क उपचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मंत्री ऐदल सिंह कंसाना और राकेश शुक्ला को ग्वालियर पहुंचने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जा सके। प्रभावित परिवार ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर के बताए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में बाबा महाकाल से दिवंगतों को श्रीचरणों में स्थान देने, परिजनों को दुख सहन करने की शक्ति और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की प्रार्थना की।
हादसा शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे चीनौर रोड की ढलान के पास हुआ। सप्तमी के अवसर पर शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। मंदिर के आसपास प्रसाद और पूजा सामग्री की दुकानें लगी थीं। इसी दौरान चीनौर की ओर से आ रहा भारी सामान से लदा ट्रक ढलान पर अनियंत्रित हो गया।
ट्रक रास्ते में लगाए गए पुलिस के स्टॉपर तोड़ता हुआ आगे बढ़ा और दुकानों तथा श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में ले लिया। अंत में वाहन मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार की दीवार से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दीवार ढह गई और कई लोग ट्रक तथा मलबे के नीचे दब गए। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
जिला प्रशासन ने हादसे में 14 लोगों की मौत की पुष्टि की है। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है। मृतकों में बच्चे, किशोर, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। अस्पतालों में परिजन अपनों की तलाश करते रहे और कई परिवारों के लिए धार्मिक पर्व गहरे दुख में बदल गया।
हादसे के बाद मंदिर मार्ग पर यातायात नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं। पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव के अनुसार, श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद ट्रक स्टॉपर तोड़कर मंदिर के प्रवेश द्वार तक पहुंच गया। हादसे में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी और एक होमगार्ड जवान भी घायल हुए। कलेक्टर रुचिका चौहान के अनुसार, ट्रक ढलान से अनियंत्रित होकर मंदिर की ओर आया और मौके पर स्टॉपर टूटे हुए मिले। दुर्घटना के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की जांच की जा रही है।
