करु कांदा समझकर खा लिया जहरीला कंद, तीन महिलाएं बीमार

Share

धमतरी, 15 अक्टूबर । धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नवागांव सांकरा में जंगली कंद की पहचान में हुई चूक तीन महिलाओं के लिए मुसीबत बन गई। करु कांदा समझकर जहरीला बेचांदी कांदा उबालकर खाने से तीन महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजनों ने तत्काल उन्हें नगरी स्वास्थ्य चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।

चिकित्सकों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंचने और इलाज मिलने से तीनों महिलाएं फिलहाल खतरे से बाहर हैं। जानकारी के अनुसार, नवरात्रि पर्व के दौरान ग्राम नवागांव सांकरा की कुछ महिलाएं जंगल में कांदा निकालने गई थीं। इसी दौरान उन्हें एक ऐसा कंद मिला, जो देखने में करु कांदा जैसा लग रहा था। दोनों कंदों में समानता होने के कारण महिलाएं उसकी सही पहचान नहीं कर सकीं और उसे करु कांदा समझकर उबालने के बाद खा लिया। सेवन करने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति को गंभीर देखते हुए परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। बीमार महिलाओं में बसंती पति खिलावन पुजारी (42 वर्ष), भुनेश्वरी यादव पति कुंजलाल (36 वर्ष) और पुष्पा यादव पति कुंजल यादव (36 वर्ष) शामिल हैं।

घटना की जानकारी मिलने पर सिहावा क्षेत्र के सर्व यादव समाज के युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष दिनेश यादव तथा युवा सक्रिय सदस्य हुमन लाल यादव, वीरेंद्र यादव और मनीष यादव अस्पताल पहुंचे। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सक से चर्चा की। साथ ही क्षेत्रवासियों को जंगली कंद की सही पहचान करने के बाद ही उसका सेवन करने के प्रति जागरूक किया। चिकित्सक डॉ. प्रवीण शांडिल्य ने बताया कि तीनों महिलाओं को समय रहते अस्पताल लाया गया, जिससे उन्हें उपचार मिल सका। फिलहाल सभी की स्थिति खतरे से बाहर है और उनका इलाज जारी है।

जंगली कंद खाने से पहले पहचान जरूरी: जंगल में मिलने वाले कंदों को केवल उनके रंग-रूप या आकार में समानता के आधार पर खाने से बचना चाहिए। कई जंगली कंद जहरीले हो सकते हैं, जिनका सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिए कंद की पहचान को लेकर जरा भी संदेह होने पर उसका सेवन नहीं करना चाहिए। जागरूकता और सावधानी से इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है।