नई दिल्ली, 12 अक्टूबर । भारतीय पुरुष हॉकी टीम एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास की सबसे सफल टीम है। वर्ष 2011 में शुरू हुए इस टूर्नामेंट में भारत अब तक पांच बार खिताब जीत चुका है। अब भारतीय टीम की नजर छठी बार चैंपियन बनने पर होगी। हीरो एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 का आयोजन 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक जालंधर और मोहाली में किया जाएगा।
भारत ने इस प्रतियोगिता के आठ संस्करणों में पांच खिताब अपने नाम किए हैं। टीम ने पहले संस्करण में शूटआउट के जरिए जीत दर्ज की, जबकि 2024 में चीन को हराकर खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। अलग-अलग परिस्थितियों में मिली इन जीतों ने एशियाई हॉकी में भारत की निरंतर मजबूती को दर्शाया है।
हाल ही में भारतीय टीम ने एशियाई खेलों में अपने स्वर्ण पदक का पहली बार सफलतापूर्वक बचाव कर इतिहास रचा था। अब टीम एक बार फिर मैदान पर उतरेगी और एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में अपना दबदबा कायम रखने की कोशिश करेगी।
एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी का पहला संस्करण 2011 में चीन के ऑर्डोस में खेला गया था। इसमें भारत, चीन, मलेशिया, पाकिस्तान, दक्षिण कोरिया और जापान की टीमों ने हिस्सा लिया था। फाइनल में भारत का सामना चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से हुआ। निर्धारित समय तक मुकाबला गोलरहित बराबरी पर रहा, जिसके बाद भारत ने शूटआउट में 4-2 से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारतीय टीम टूर्नामेंट की पहली चैंपियन बनी।
तीन साल के अंतराल के बाद एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2016 में मलेशिया के कुआंतन में लौटी। भारत ने फाइनल में एक बार फिर पाकिस्तान के खिलाफ दमदार प्रदर्शन किया और 3-2 से जीत हासिल कर दूसरी बार खिताब अपने नाम किया। भारत की ओर से रुपिंदर पाल सिंह, अफ्फान यूसुफ और निकिन थिमैया ने गोल किए। इस जीत ने टूर्नामेंट में भारत की मजबूत स्थिति को और पुख्ता किया।
भारत ने 2018 में ओमान की राजधानी मस्कट में आयोजित पांचवें संस्करण में तीसरी बार खिताब जीता, हालांकि इस बार फाइनल का परिणाम असामान्य रहा। भारत और पाकिस्तान ने फाइनल में जगह बनाई, लेकिन लगातार बारिश के कारण मुकाबला पूरा नहीं हो सका। इसके बाद दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया गया। इस तरह भारत के खाते में तीसरा खिताब जुड़ गया।
भारत ने 2023 में पहली बार एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी की। चेन्नई के मेयर राधाकृष्णन हॉकी स्टेडियम में खेले गए सातवें संस्करण के फाइनल में भारतीय टीम का सामना मलेशिया से हुआ। मुकाबले में एक समय भारत पिछड़ रहा था और मलेशिया ने पहले हाफ तक 3-1 की बढ़त बना ली थी।
भारतीय खिलाड़ियों ने अंतिम 16 मिनट में शानदार वापसी की। हरमनप्रीत सिंह, गुरजंत सिंह और आकाशदीप सिंह के गोल की बदौलत भारत ने 4-3 से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत चौथी बार चैंपियन बना और टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे अधिक खिताब जीतने वाली टीम बन गया।
भारत ने 2024 में चीन के हुलुनबुइर में आयोजित आठवें संस्करण में अपने खिताब का बचाव किया। फाइनल में भारतीय टीम का सामना मेजबान चीन से हुआ। मुकाबला कड़ा रहा, लेकिन जुगराज सिंह के निर्णायक गोल की बदौलत भारत ने 1-0 से जीत हासिल की। यह भारत का पांचवां एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी खिताब था और इससे टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम के रूप में उसका रिकॉर्ड और मजबूत हुआ।
आठ संस्करणों में पांच खिताब भारत की निरंतर सफलता और दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाते हैं। कभी शूटआउट में मिली जीत, कभी संयुक्त विजेता बनने का परिणाम, तो कभी पिछड़ने के बाद शानदार वापसी—भारतीय टीम ने अलग-अलग परिस्थितियों में खिताब अपने नाम किए हैं।
अब 27 अक्टूबर से पंजाब में शुरू होने वाले नौवें संस्करण में भारतीय टीम के सामने अपने खिताबों की संख्या छह तक पहुंचाने का मौका होगा।
