जबलपुरः क्रिप्टो में करोड़ों कमाने का झांसा, सराफा व्यापारी से 50.67 लाख की साइबर ठगी

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जबलपुर, 12 सितंबर । क्रिप्टो करेंसी में करोड़ों रुपये कमाने का लालच देकर साइबर ठगों ने शहर के एक सराफा व्यापारी से 50.67 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।

ठगों ने फेसबुक के जरिए व्यापारी से संपर्क किया और खुद को क्रिप्टो ट्रेडिंग कंपनी का अधिकारी बताकर विश्वास में लिया। इसके बाद व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़कर ट्रेडिंग के नाम पर निवेश कराया गया। रकम बढ़ने का झांसा देकर अलग-अलग खातों में कमीशन और सिक्योरिटी वेरिफिकेशन के नाम पर लाखों रुपये जमा करा लिए गए। प्लेटफॉर्म पर लॉगिन बंद होने के बाद व्यापारी को ठगी का एहसास हुआ। शिकायत के बाद साइबर थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शनिवार को साईबर सेल ने जानकारी दी गी कि सराफा व्यापारी ने शिकायत में बताया कि 18 जून को फेसबुक पर सिमरन शर्मा नाम की महिला से उनकी बातचीत शुरू हुई। महिला ने खुद को चंडीगढ़ सेक्टर-10 निवासी और लेडीज वियर गारमेंट टेक्सटाइल कंपनी की संचालक तथा मैक्सोवाल्ट क्रिप्टो ट्रेडिंग कंपनी की फ्रेंचाइजी मालिक बताया। करीब एक सप्ताह तक बातचीत के जरिए विश्वास कायम करने के बाद उसने क्रिप्टो ट्रेडिंग में अच्छा मुनाफा होने का लालच दिया।

27 जून को महिला ने अरविंद बंसल नामक व्यक्ति का मोबाइल नंबर देकर उसे कंपनी मैनेजमेंट का अधिकारी बताया। इसके बाद व्यापारी को ‘इथर्नियम एलीट’ नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया गया। ग्रुप में अरविंद बंसल, सिमरन शर्मा, रवि पंडित और प्रिंसेज नाम के सदस्य भी थे। आरोपितों ने पहले बाइनेंस एप पर ट्रेडिंग कराई, जिसके बाद मैक्सोवाल्ट नाम की वेबसाइट पर खाता खुलवाया गया।

ठगों ने व्यापारी से मैक्सोवाल्ट पर ऑनलाइन कॉन्ट्रैक्ट साइन कराया और बाइनेंस से यूएसडीटी वहां ट्रांसफर कराए। ट्रेडिंग के दौरान खाते में यूएसडीटी लगातार बढ़ते हुए दिखाए गए। आरोपितों ने प्रत्येक ट्रेड पर 20 से 30 प्रतिशत कमीशन देने की बात कही और लॉक-इन पीरियड का हवाला देकर ट्रेडिंग कैपिटल निकालने से रोक दिया।

इसके बाद लॉक इन हटाने के नाम पर व्यापारी को ऑफलाइन यूएसडीटी खरीदने और उसके भुगतान की रसीद भेजने के लिए कहा गया। अलग-अलग चरणों में आठ बार लेन-देन कराया गया। खासकर अंतिम चार ट्रेड में आरटीजीएस और कैश जमा कराने के जरिए केरल निवासी मोहम्मद हुसैन के दो बैंक खातों में रकम जमा कराई गई। विश्वास दिलाया गया कि कमीशन जमा होते ही लॉक-इन हट जाएगा और व्यापारी अपने यूएसडीटी बेच सकेगा।

इसके बाद ठगों ने विभिन्न बैंक खातों की जानकारी लेकर मैक्सोवाल्ट से बाइनेंस पर यूएसडीटी ट्रांसफर करने के लिए सिक्योरिटी वेरिफिकेशन के नाम पर भी रकम जमा कराई। इस तरह व्यापारी से कुल 50 लाख 67 हजार 579 रुपये जमा करा लिए गए।

20 जुलाई को मैक्सोवाल्ट प्लेटफॉर्म पर लॉगिन करने की कोशिश करने पर जब खाता नहीं खुला, तब व्यापारी को साइबर ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उसने साइबर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब मोबाइल नंबर, बैंक खातों, डिजिटल लेन-देन और क्रिप्टो वॉलेट से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।