गुरुग्राम, 09 सितंबर । शहर की आचार्यपुरी कालोनी में डेढ़ लाख रुपये के लेन-देन में पीजी संचालक हेमंत कौशिक (35) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि रिटायर्ड फौजी उधार दिए पैसे मांगने पीजी संचालक के पास आया था। हत्या के आरोपी रिटायर्ड फौजी अमरजीत को पुलिस ने बुधवार सुबह गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के मुताबिक मंगलवार रात को रिटायर्ड फौजी अमरजीत पीजी संचालक हेमंत के घर उधार दिए पैसे लेने गया था। बताया जा रहा है कि हेमंत ने दो महीने पहले 1.5 लाख रुपये फौजी से उधार लिए थे। आरोपी अमरजीत वहां हेमंत के घर के कमरे में पहुंचा और टेबल पर पिस्टल रख दी। फिर उससे पैसे मांगने लगा। उधार के पैसों पर वह 20 प्रतिशत ब्याज की मांग कर रहा था। हेमंत ने आठ दिन का समय मांगा, लेकिन अमरजीत ने इससे इंकार कर दिया। दोनों के बीच इस बात पर बहस हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि रिटायर्ड फौजी अमरजीत ने उसके हेमंत के माथे में गोली मार दी। वारदात के समय हेमंत की पत्नी, तीनों बच्चे और उनका दोस्त ललित कमरे में ही मौजूद थे। गोली लगने के बाद परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां से फोर्टिस रेफर किया गया। इलाज के दौरान हेमंत की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस हेमंत के घर और अस्पताल पहुंची। पुलिस ने आरोपी अमरजीत की गिरफ्तारी के लिए रात को ही छापेमारी शुरू कर दी। घटना के कुछ घंटे बाद ही आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हेमंत पीजी संचालित करने के साथ-साथ किराए का काम भी करता था। परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है। मां और छोटा भाई ग्राउंड फ्लोर पर रहते हैं। सेक्टर-14 थाना प्रभारी अमित कुमार ने बुधवार को बताया कि आरोपी अमरजीत भिवानी का रहने वाला है। वह हेमंत का दोस्त है। दोनों में पैसों को लेकर विवाद था। घटना की जांच की जा रही है।