जेपीएससी गड़बड़ी मामले में पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते समेत पांच आरोपितों की जमानत पर सुनवाई, अगली तारीख 1 सितंबर

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रांची, 25 अगस्त । झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्य सचिव एवं जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते समेत पांच लोगों की जमानत याचिका पर सोमवार को सीआईडी की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। सीआईडी की ओर से अदालत में केस डायरी पेश की गई।

लोक अभियोजक ने केस डायरी के अध्ययन और जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए एक सितंबर की तारीख निर्धारित की। एल. खियांग्ते की ओर से वरीय अधिवक्ता अनिल कुमार ने पक्ष रखा। जमानत याचिका पर जिन लोगों की सुनवाई हुई, उनमें एल. खियांग्ते, पवन सिंह, श्वेता गुप्ता, अभय तिवारी और सौरभ सुमन शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि सीआईडी ने एल. खियांग्ते को 10 अगस्त को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान उन पर टीडीपीएल से कथित तौर पर दो करोड़ रुपये कमीशन लेने का आरोप लगाया गया है। परीक्षा में अनियमितता को लेकर सीआईडी ने कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया है। इसी मामले की जांच के दौरान एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई और इसके बाद से वह जेल में बंद हैं। मामले में अब तक 20 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

सीआईडी के अनुसार, जेपीएससी नियुक्ति घोटाले के कथित किंगपिन अभय तिवारी ने अधिकारियों के समक्ष दिए स्वीकारोक्ति बयान में पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के घोटाले में शामिल होने का उल्लेख किया है। बयान में यह भी कहा गया है कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के रूप में टीडीपीएल के चयन में एल. खियांग्ते की अहम भूमिका थी।———–