जेल परिसर में निजी कैंटीन संचालन पर मांगा जवाब

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जयपुर, 24 अगस्त । राजस्थान उच्च न्यायालय ने केन्द्रीय कारागार परिसर में निजी कैंटीन संचालन को लेकर राज्य सरकार, जेल प्रशासन और जिला कलेक्टर सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। जस्टिस इन्द्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने यह आदेश बबली शर्मा की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।

याचिका में अधिवक्ता सुप्रिया सक्सेना ने अदालत को बताया कि केन्द्रीय कारागार परिसर में बिना तय प्रक्रिया अपनाए कैंटीन खोली गई है। इसके लिए तय टेंडर प्रक्रिया भी नहीं अपनाई गई। इसके अलावा यहां कैदियों के परिजनों के लिए तंबाकू उत्पादों की खुलेआम बिक्री हो रही है। जबकि जेल नियम, 2022 के तहत जेल के आसपास तंबाकू उत्पाद बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है।

याचिका में कहा गया कि सरकार ने जेलों के कैदियों की ओर से निर्मित सामानों की बिक्री के लिए आशाएं कैंटीन आरंभ की थी, लेकिन इस कैंटीन में कैदियों की ओर से निर्मित किसी भी सामान की बिक्री नहीं हो रही है। याचिका में बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए सरकारी और उच्च सुरक्षा वाले इस परिसर में निजी व्यावसायिक गतिविधि संचालित किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका में कहा गया कि सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत कैंटीन संचालन को लेकर विरोधाभासी जवाब मिले हैं। एक जवाब में इसके लिए अनुमति नहीं दिए जाने की बात कही गई, लेकिन अन्य जवाबों में इसे ट्रायल के तौर पर नियमानुसार संचालित करना बताया गया है। याचिका में गुहार की गई है कि कैंटीन संचालन को लेकर समस्त रिकॉर्ड मंगाया जाए और प्रकरण की स्वतंत्र जांच कराने के साथ ही भविष्य में जेल परिसरों में व्यावसायिक सुविधाओं के संचालन के लिए पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की गुहार की गई है। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है।