औरैया : वाहनों के साथ गिरफ्तार एक दोषी को पांच वर्ष की कैद, सजा के समायोजित होने से रिहाई की बनी स्थिति

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औरैया, 21 अगस्त । उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय विनय प्रकाश सिंह ने सदर कोतवाली क्षेत्र से चोरी के वाहनों और गाड़ियों के नंबर प्लेट बदलकर छल करने, फर्जी नंबर प्लेट तैयार करके असल रूप में प्रयोग करने का दोषी करार दिया। मामले में अभियुक्त ने जुर्म इकबाल प्रार्थना पत्र को स्वीकार किया है। जिसके चलते उसे पांच वर्ष के कठोर कारावास व 34 सौ रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। दोषी पांच साल आठ माह 25 दिन से जेल में निरुद्ध है। इसलिए इस सजा को समायोजित करने पर उसकी रिहाई की स्थिति बन गई है।

मामले की अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद राजपूत ने बताया कि सदर कोतवाली के सब इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने रिपोर्ट लिखाई कि 31 अगस्त 2015 को गश्त के दौरान अभियुक्तगण योगेंद्र राजपूत उर्फ गिंदा, विजय सिंह, राहुल उर्फ कृष्ण कुमार व किशन यादव के कब्जे से पांच चोरी की बाइकें व एक चोरी की बोलरो गाड़ी बरामद की थी। आरोपितों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया। 12 मार्च 2025 को उनके विरुद्ध आरोप पत्र तय हुए। इस मामले में एक अभियुक्त विजय सिंह ने जेल से जुर्म इकबाल प्रार्थना पत्र यह कहते हुए कोर्ट में प्रस्तुत किया कि वह निर्धन व्यक्ति है, उसकी पैरवी करने वाला कोई भी नहीं है। अब वह मुकदमा लड़ने की स्थिति में नहीं है, अतः उपरोक्त मुकदमा जुर्म इकबाल के आधार पर निस्तारित करने की कृपा करें।

अभियुक्त वर्तमान में जिला कारागार कन्नौज में निरुद्ध है। उक्त अभियुक्त की वर्तमान विचाराधीन अवधि लगभग पांच साल आठ माह 25 दिन है। बचाव पक्ष के वकील ने बहस की, कि विजय सिंह निर्धन व्यक्ति है। उसका कोई पैरोकार नहीं है। वह लगभग 2021 से न्यायिक अभिरक्षा में रहा है। अतः उसे कम से कम दंड दिया जाए।

वहीं अभियोजन की ओर से एडीजीसी अरविंद राजपूत ने अधिक से अधिक दंड दिए जाने की बहस की। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश विनय प्रकाश सिंह ने जुर्म इकबाल स्वीकृत कर दोषी विजय सिंह को पांच साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया। उस पर 3400 रुपये अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड अदा न करने पर उसे सात दिन का साधारण कारावास भुगतना पड़ेगा। अभियुक्त द्वारा जेल में पूर्व में बिताई गई कारावास की अवधि दंडित कारावास की अवधि में समायोजित की जाएगी।