भोपाल, 10 अगस्त । अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी की अनिवार्यता के चलते कर्मचारियों को सेवा से हटाए जाने और समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग को लेकर मप्र लिपिक वर्ग कर्मचारी संघ ने सोमवार को राजधानी भाेपाल में मंत्रालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सेवा से हटाए गए कर्मचारियों के परिजनों ने मुंडन कराकर विरोध जताया। संघ का दावा है कि सीपीसीटी की अनिवार्यता के कारण प्रदेश में 1000 से अधिक युवा प्रभावित हुए हैं।
लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश चतुर्वेदी ने कहा कि संघ की प्रमुख मांग अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी की बाध्यता समाप्त करने के साथ कर्मचारियों को सुरक्षित सेवा का अवसर देना है। उन्होंने मंत्रालय के समान वेतनमान और ग्रेड-पे की भी मांग उठाई। मुकेश चतुर्वेदी ने कहा कि मंत्रालय, विधि एवं विधायी कार्य विभाग और राजभवन के कार्यालयों में कार्यरत लिपिकों को वेतनमान और अन्य सेवा लाभ मिल रहे हैं, जबकि विभागाध्यक्ष कार्यालयों में काम करने वाले लिपिक इन लाभों से वंचित हैं। संघ ने समान कार्य के लिए समान वेतन और सेवा लाभ दिए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीपीसीटी की वजह से सेवा से बाहर किए गए कर्मचारियों के मामले में सरकार को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए। इसी मांग को लेकर सोमवार को प्रदर्शन किया गया।
18 अगस्त को पांच मांगों को लेकर प्रदेशभर में प्रदर्शन
इधर, मप्र तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने भी विभिन्न मांगों को लेकर 18 अगस्त को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों और भोपाल में मंत्रालय के सामने प्रदर्शन करने की घोषणा की है। संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 1 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत देने की मांग शामिल है। संघ ने नवनियुक्त कर्मचारियों को तीन वर्ष तक 70, 80 और 90 प्रतिशत वेतन दिए जाने की व्यवस्था समाप्त कर नियमित वेतन देने की मांग भी उठाई है। इसके अलावा अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी की बाध्यता समाप्त करने, कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने और ई-अटेंडेंस व्यवस्था को समाप्त करने की मांग की जा रही है।
जिला स्तर पर तैयारियां शुरू
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अतुल मिश्रा के नेतृत्व में 18 अगस्त को प्रदेशभर में प्रदर्शन किया जाएगा। भोपाल में होने वाले प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर जिला अध्यक्ष मोहम्मद सलीम ने बैठक आयोजित की। बैठक में कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने और प्रदर्शन को सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई।