मंडला, 10 अगस्त । मध्य प्रदेश के मंडला जिले में सोमवार तड़के नकाबपोश बदमाशों ने पेट्रोल पंप पर धावा बोलकर करीब एक मिनट में 93,875 रुपए लूट लिए। वारदात मनेरी चौकी क्षेत्र में निवास-बरेला मार्ग स्थित अतुलित पेट्रोल पंप पर सुबह करीब 2:30 बजे हुई।
पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। फुटेज में एक नकाबपोश युवक पहले दीवार फांदकर परिसर में दाखिल होता दिखाई दे रहा है। कुछ देर रैकी करने के बाद उसने बाहर मौजूद साथियों को इशारा किया। इसके बाद स्कॉर्पियो से 6-7 बदमाश पहुंचे और कर्मचारियों को हथियार दिखाकर नकदी लूटकर फरार हो गए।
सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, एक नकाबपोश युवक दीवार फांदकर पेट्रोल पंप परिसर में दाखिल हुआ। उसने कुछ देर परिसर का जायजा लिया और बाहर मौजूद साथियों को संकेत दिया। कुछ ही सेकंड बाद नीले रंग की स्कॉर्पियो पेट्रोल पंप परिसर में दाखिल हुई। वाहन से उतरे बदमाशों ने कर्मचारियों को हथियार दिखाकर धमकाया और नकदी लेकर फरार हो गए।
दो कर्मचारियों को बनाया निशाना
वारदात के समय पेट्रोल पंप पर दो कर्मचारी मौजूद थे। बदमाशों को हथियारों के साथ देखकर एक कर्मचारी वहां से भाग गया, जबकि दूसरे कर्मचारी को बदमाशों ने घेर लिया। उसके पास से करीब 9,400 रुपए नकद छीन लिए गए। इसके बाद बदमाश पेट्रोल पंप के कार्यालय में पहुंचे और दराज में रखे दो पैकेटों से 84,475 रुपए निकाल लिए। इस तरह बदमाश कुल 93,875 रुपए लेकर फरार हो गए।
दो बदमाशों के हाथ में कट्टे दिखे
पुलिस के अनुसार, बदमाश नीले रंग की स्कॉर्पियो से आए थे। वाहन की आगे की नंबर प्लेट नहीं थी, जबकि पीछे की नंबर प्लेट ढंकी हुई थी। सभी बदमाशों ने चेहरे ढंक रखे थे। पेट्रोल पंप कर्मचारी के मुताबिक, कम से कम दो बदमाशों के हाथ में कट्टे साफ दिखाई दे रहे थे। अन्य बदमाशों के पास भी हथियार होने की आशंका है।
सीसीटीवी और टोल नाकों के फुटेज खंगाल रही पुलिस
वारदात की सूचना मिलते ही मनेरी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस पेट्रोल पंप के आसपास के सीसीटीवी कैमरों के साथ ही आने-जाने वाले मार्गों और टोल नाकों के फुटेज खंगाल रही है। स्कॉर्पियो की पहचान और बदमाशों की आवाजाही का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी राजेश रघुवंशी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस टीमों को बदमाशों की तलाश तेज करने और जल्द सुराग जुटाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद ले रही है।