भोपाल, 06 अगस्त । मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक सामान्य से काफी कम बारिश होने के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। अब तक प्रदेश में 16.3 इंच (413.3 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 20 इंच (507.2 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में करीब 19 प्रतिशत कम बारिश हुई है। अगले 3 दिन तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
बारिश की कमी का असर प्रदेश के 49 जिलों में देखने को मिल रहा है। केवल 6 जिलों में ही औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। भोपाल, जबलपुर, सागर, शहडोल, रीवा और नर्मदापुरम संभाग के सभी जिले सामान्य से कम बारिश वाले क्षेत्रों में शामिल हैं। वहीं इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ जिलों में औसत से अधिक बारिश हुई है।
प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है। भोपाल में 7 प्रतिशत कम बारिश, इंदौर में 2 प्रतिशत कम, उज्जैन में 14 प्रतिशत कम, जबलपुर में 29 प्रतिशत कम, ग्वालियर में 7 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान जताया है। यदि नया मौसम तंत्र प्रभावी रहा तो बारिश की कमी की कुछ हद तक भरपाई हो सकती है।
आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट
गुरुवार को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, गुना, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर और निवाड़ी समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।
वेस्टर्न डिस्टरबेंस से बढ़ी उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय हुआ है। इसके प्रभाव से आगामी दिनों में प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, जिससे मानसून की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है। हालांकि फिलहाल प्रदेश में बारिश का कुल आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे है और कृषि सहित जल स्रोतों पर इसका असर साफ दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों की बारिश से स्थिति में सुधार आएगा।