आकाशीय बिजली गिरने की घटना के बाद मृतकों के घरों में मातम

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गिरिडीह, 05 अगस्त । झारखंड की भोगोलिक संरचना के कारण हर साल मॉनसून के आते ही आकाशीय बिजली की चपेट मे आने से सैकडों लोगों की मौत हो जाती है। इस प्राकृतिक आपदा से मरने वालों में अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों की जनजातीय आबादी सहित किसान, मजदूर, चरवाहे, जंगलों में फल फूल तोड़कर जिविका चलाने वाले ग्रामीण होते हैं। ताजा मामला गिरिडीह जिले का है जहा मंगलवार को अलग – अलग प्रखंंडों में आकाशीय बिजली गिरने की घटना में तीन किशोर सहित 10 लोगों की मौत हो गई। वहीं आठ अन्य झुलस गये जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।

घटना देवरी थाना इलाके के देवपहाड़ी टोले की है। जहां शाम के समय पांच बच्चे बारिश से बचने के लिए एक बरगद पेड़ के नीचे बैठे थे। इन पांच में से चार किशोरों की मौत आकाशीय बिजली गिरने से हो गई। वहीं एक अन्य गंभीर रूप से झुलस गया I घटना के बाद गिरिडीह प्रशासन ने दस लोगों के मरने की अधिकारिक पृष्टि करते हुए बुधवार को सभी मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।

प्रशासन के अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को आपदा प्रबंधन से सरकारी प्रावधानों के मुताबिक सहायता राशि दिये जाने की घोषणा की है। घटना के बाद जिले के पांच प्रखंंडों में मंगलवार शाम से ही पलभर में कई परिवारों के घरों में मातम पसर गया। वहीं घटना के बाद बुधवार को भी उनके घरों में चुल्हे नहीं जले। इस बीच क्षेत्र की विद्यायक भाजपा नेत्री डाॅ मंजू कुमारी ने सरकार से सभी स्कूलों में तड़ित चालक लगाने की मांग की है। बताया गया कि कई स्कूलों में लगे तडित चालक चोरी हो गये हैं।