जेएसडब्ल्यू महानदी पावर प्लांट नरियरा: भूविस्थापित पेंशन समिति की मासिक बैठक संपन्न

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जांजगीर-चांपा, 05 अगस्त (हि. स.)। जेएसडब्ल्यू महानदी पावर प्लांट नरियरा से प्रभावित आठ ग्रामों के भूविस्थापितों की जीवन निर्वाह भत्ता समिति (पेंशन) की मासिक बैठक बुधवार को आयोजित की गई।

बैठक में भूविस्थापित परिवारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से प्लांट प्रबंधन द्वारा लागू किए गए नए नियम के तहत जीवित प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) जमा करने की प्रक्रिया, परिवार बीमा की मांग और स्वास्थ्य सुविधाओं को दोबारा शुरू कराने जैसे विषय प्रमुख रहे।

बैठक में समिति ने बताया कि प्लांट प्रबंधन ने इस माह से नए नियम के अनुसार छह माह की अवधि के लिए जीवित प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य किया है। इसके तहत 1 अगस्त से 20 अगस्त तक पावर प्लांट गेट पर प्रमाण पत्र जमा किए जा रहे हैं। समिति ने इस प्रक्रिया पर सहमति जताते हुए सदस्यों से समय पर फॉर्म जमा करने की अपील की।

समिति ने स्पष्ट किया कि जिन भूविस्थापित किसानों ने अपनी भूमि स्वयं के नाम से प्लांट को विक्रय की है, वे अपने नाम से जीवित प्रमाण पत्र भरेंगे। वहीं, जिन किसानों ने अपने उत्तराधिकारी (नॉमिनी) को अधिकृत किया है, वे संबंधित उत्तराधिकारी के हस्ताक्षर के साथ फॉर्म जमा करेंगे।

बैठक में लंबे समय से लंबित परिवार बीमा की मांग पर भी विस्तृत चर्चा हुई। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि भूविस्थापित परिवारों के लिए बीमा सुविधा जल्द शुरू की जानी चाहिए ताकि प्रभावित परिवारों को सामाजिक सुरक्षा मिल सके।

इसके अलावा समिति ने प्लांट प्रबंधन से पहले की तरह आठों आश्रित ग्रामों में एंबुलेंस, डॉक्टर और स्वास्थ्य शिविर की सुविधा दोबारा शुरू करने की मांग की। समिति का कहना था कि पूर्व में ग्रामीणों को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और निःशुल्क दवा वितरण की सुविधा मिलती थी, जो वर्तमान में बंद है। इसे पुनः सभी आवश्यक सुविधाओं के साथ शुरू किया जाना चाहिए।

बैठक के दौरान भूविस्थापितों की विभिन्न व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं पर भी चर्चा की गई। समिति ने बताया कि कुछ मामलों से पहले ही प्लांट के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, जबकि अन्य मांगों और समस्याओं को जल्द ही प्रबंधन के समक्ष रखा जाएगा।

बैठक में बड़ी संख्या में भूविस्थापित किसान एवं समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें नरियरा से अध्यक्ष संजय कुमार सिंह, सचिव अविनाश सिंह, कोषाध्यक्ष राकेश कुमार साहू, सह-कोषाध्यक्ष बुद्धेश्वर सिंह सहित विभिन्न ग्रामों के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए। रोगदा, तरोद, लटिया-पकरिया, नवापारा-अमोरा, अकलतरा, मुरलीडीह सहित सभी आठ प्रभावित ग्रामों के प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लेकर भूविस्थापितों के हितों से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखी।

समिति ने उम्मीद जताई कि प्लांट प्रबंधन भूविस्थापित परिवारों की मांगों पर सकारात्मक पहल करेगा और पेंशन व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र समाधान किया जाएगा।