पश्चिम चम्पारण(बगहा),3जुलाई। वाल्मीकिनगर के सांसद सुनील कुमार ने संसद के वर्षाकालीन सत्र में लोकसभा के नियम 377 के अंतर्गत लोक महत्व का मामला उठाते हुए सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा वाल्मीकिनगर संसदीय क्षेत्र की विकास योजनाओं की लगातार उपेक्षा किये जाने का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया है।
उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से हस्तक्षेप एवं संरक्षण की मांग करते हुए कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र के साथ न्याय सुनिश्चित किया जाय।
सांसद ने सदन में कहा कि केंद्र सरकार स्वयं योजनाओं को स्वीकृति देती है, लेकिन बाद में उन्हें रद्द कर देती है या अनिश्चितकाल के लिए ठंडे बस्ते में डाल देती है, उन्होंने बगहा (बिहार) से गंडक नदी पार उत्तर प्रदेश के जटहा घाट तक पुल-सह-सड़क निर्माण की मांग का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने पहले लोकसभा में उत्तर दिया था कि बगहा के शास्त्रीनगर और उत्तर प्रदेश के बेलवनिया के बीच पुल निर्माण का प्रस्ताव है तथा उसका डीपीआर तैयार किया जा रहा है।
बाद में उसी योजना को ट्रैफिक स्टडी, अधिक लागत तथा निकट में पहले से पुल होने का हवाला देकर निरस्त कर दिया गया। सांसद ने कहा कि ऐसे सभी पहलुओं की जांच योजना स्वीकृत करने और डीपीआर तैयार करने से पहले होनी चाहिए थी।
सुनील कुमार ने यह भी कहा कि उनके एक अन्य प्रश्न के उत्तर में सरकार ने बेतिया से बगहा तक फोरलेन सड़क निर्माण का आश्वासन दिया था, इसके लिए एलाइनमेंट स्वीकृत कर डीपीआर तैयार करने हेतु एजेंसी भी नियुक्त कर दी गई थी, किंतु अब सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा कहना है कि छपवा–बेतिया फोरलेन तथा गोरखपुर एक्सप्रेस-वे का कार्य पूरा होने तक बेतिया से आगे राष्ट्रीय राजमार्ग की किसी नई योजना पर काम नहीं किया जायेगा।
सांसद ने इसे वाल्मीकिनगर संसदीय क्षेत्र के साथ सरासर अन्याय बताते हुए कहा कि इस निर्णय से क्षेत्र की जनता में भारी निराशा है, उन्होंने सरकार से लंबित सड़क एवं पुल परियोजनाओं पर शीघ्र निर्णय लेकर क्षेत्र के विकास को गति देने की मांग की।