सुकमा, 14 जुलाई । सुकमा जिले के कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन और जिला सीईओ मुकुंद ठाकुर की अध्यक्षता में मंगलवार को समय-सीमा (टीएल) की उच्च स्तरीय बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में संपन्न हुई। इस बैठक में जगरगुंडा एजुकेशन सिटी, उल्लास एकेडमी कोटा केबिन, विभिन्न लाइब्रेरियों, हड़मा स्टेडियम शेड निर्माण और पंचायत कैफे की प्रगति की समीक्षा की गई।
इसके साथ ही सुकमा-गोलापल्ली मार्ग के निर्माण कार्य में तेजी लाने और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी विकासखंडों में आवास निर्माण की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सभी निर्माण एजेंसियां कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करें और पूरी जांच के बाद ही भुगतान की कार्रवाई की जाए; कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं की समीक्षा करते हुए बस्तर मुन्ने, सुशासन तिहार, सेवा सेतु पोर्टल और सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त लंबित आवेदनों का त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के कड़े निर्देश दिए गए। खेती-किसानी के चालू सीजन को देखते हुए कृषि विभाग को किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में धन-बीज और उच्च गुणवत्तायुक्त खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि अन्नदाताओं को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही, मानसून को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को मुस्तैद रहने और ग्रामीणों को उबला पानी पीने व मच्छरदानी के उपयोग के लिए जागरूक करने की हिदायत दी गई है।
बैठक में शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील निर्णय लिए गए। शिक्षा सत्र 2026-27 के तहत स्कूल छोड़ चुके (शाला त्यागी) और अप्रवेशी बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए आंगनबाड़ी और स्कूल लिंकेज कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को साइंस पार्क का नियमित दौरा कर बच्चों से सीधा संवाद करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, किशोरियों की सेहत को प्राथमिकता देते हुए 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए सर्वाइकल कैंसर रोधी टीकाकरण अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने की जिम्मेदारी खंड चिकित्सा और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों के मामलों, सामाजिक पेंशन और शासकीय भूमि आवंटन से जुड़ी फाइलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, समाज में व्याप्त कुप्रथाओं पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। बैठक में जिला सीईओ मुकुन्द ठाकुर, डीएफओ अक्षय भोंसले सहित अन्य जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।