सागर, 6 जुलाई । मध्य प्रदेश के सागर जिले में जिला पंचायत सदस्य सर्वजीत लोधी की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। एक ओर कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल ने सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने इसे भाजपा की अंदरूनी खींचतान और सत्ता संघर्ष का परिणाम बताते हुए सरकार पर निशाना साधा है।
बांदरी थाना पुलिस द्वारा सर्वजीत लोधी को हत्या के प्रयास के एक पुराने मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद उनके समर्थकों में नाराजगी फैल गई। बड़ी संख्या में समर्थक सड़कों पर उतरे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एसपी कार्यालय तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया।
पुलिस के अनुसार मामला वर्ष 2024 में बांदरी स्थित एक ढाबे पर हुई मारपीट से जुड़ा है, जिसमें सर्वजीत लोधी के खिलाफ हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज किया गया था। हाल ही में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई के बाद संबंधित थाना प्रभारी को लाइन अटैच किए जाने से मामला और चर्चाओं में आ गया।
इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मोहासा ने भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि मामला दो वर्ष पुराना था तो आरोपी की गिरफ्तारी अब तक क्यों नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने समय तक आरोपी सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाजपा नेताओं के साथ दिखाई देता रहा, तब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
कांग्रेस ने कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल की सोशल मीडिया प्रतिक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि जब सरकार के वरिष्ठ मंत्री को अपनी ही पुलिस के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बोलना पड़ रहा है, तो यह भाजपा के भीतर बढ़ती असहमति और समन्वय की कमी का संकेत है।
फिलहाल मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समर्थकों के विरोध प्रदर्शन, थाना प्रभारी को लाइन अटैच किए जाने और मंत्री की नाराजगी के बाद सागर की राजनीति में इस प्रकरण को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। पुलिस का कहना है कि मामला न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है और जांच जारी है।