ऑपरेशन लंगड़ा : ₹50 हजार के इनामी दो हिस्ट्रीशीटर पुलिस मुठभेड़ में घायल

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सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। जिले में बेखौफ घूम रहे अपराधियों और शातिर चोरों के खिलाफ पुलिस कप्तान के सख्त तेवरों का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। बीती रात दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो पेशेवर अपराधियों को पुलिस ने हाफ एनकाउन्टर में लंगड़ा कर दबोच लिया। क्राइम ब्रांच की स्वॉट टीम और रामगांव व कैसरगंज थाने की पुलिस ने एक संयुक्त और बेहद साहसिक ऑपरेशन में ₹50,000 के इनामी और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर बदमाश फिरोज और मुल्कराज को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है, जिसे लहूलुहान हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

चोरी और डकैती की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के सख्त निर्देश पर जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत गठित टीम को देर रात मुखबिर से एक बेहद गोपनीय और सटीक सूचना मिली। मुखबिर ने बताया कि बीते 25 जून को बौंडी थाना क्षेत्र में हुई पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हुए असलम के दो फरार साथी, भारी मात्रा में चोरी के जेवरात और अवैध हथियारों के साथ बाइक पर सवार होकर भकला गोपालपुर की तरफ आ रहे हैं। सूचना मिलते ही स्वॉट टीम और रामगांव पुलिस एक्टिव हुई और बिना वक्त गंवाए अकिलापुर चौराहा-भकला गोपालपुर रोड पर तगड़ी घेराबंदी कर दी।

पुलिस टीम जब सड़क पर मुस्तैदी से वाहनों की चेकिंग कर रही थी, तभी अंधेरे में एक बाइक पर सवार दो संदिग्ध लोग आते दिखाई दिए। पुलिस ने जैसे ही हाथ का इशारा देकर उन्हें रुकने को कहा, बदमाशों के होश उड़ गए। खुद को चारों तरफ से घिरा देख बदमाशों ने बचने के लिए सीधे पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ फायर झोंक दिया। अचानक हुई इस फायरिंग से मौके पर हड़कंप मच गया, लेकिन जांबाज पुलिसकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली शातिर बदमाश के बाएं पैर में जा लगी और वह चीखते हुए बाइक से नीचे गिर पड़ा। वहीं, उसका दूसरा साथी रात के अंधेरे और झाड़ियों का फायदा उठाकर अपनी बाइक के साथ रफूचक्कर हो गया।

रामगांव थाना क्षेत्र में अंधेरे का फायदा उठाकर नौ दो ग्यारह हुए शातिर बदमाश मुल्कराज को कैसरगंज पुलिस व स्वाट टीम ने घेर कर पैर में गोली मार दी। थानाध्यक्ष राजकुमार पाण्डेय को आधी रात सूचना मिली कि रामगांव से फरार आरोपित मुल्कराज कैसरगंज के रुकनापुर के करसर तिरौरा मार्ग से भागने की फिराक में है। उन्होंने उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी,मौके पर स्वाट टीम को रवाना किया गया। जैसे ही पुलिस पार्टी करसर तिरौरा मार्ग पर पहुँची तो मुल्कराज भागता दिखा,पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो उसने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्यवाही में उसके पैर में गोली लगने से वह गिर पड़ा। पुलिस ने उसे अस्पताल में एडमिट कराया है।

पुलिस ने जब घायल बदमाश को दबोचा और उससे पूछताछ की, तो उसने अपना नाम फिरोज पुत्र फौजदार बताया, जो बौंडी थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसने मौके से फरार हुए अपने साथी का नाम मुल्कराज बताया है। पुलिस ने जब फिरोज की अमली तलाशी ली, तो उसके पास से एक देसी तमंचा .315 बोर, दो जिंदा कारतूस, ₹2040 नगद, सोने के दो झाले (पीली धातु) और दो एक्टिव मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, फिरोज एक शातिर और पेशेवर अपराधी है, जिसके खिलाफ बहराइच के अलग-अलग थानों में चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट के दर्जनों संगीन मुकदमे दर्ज हैं और पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी।

एसपी विश्वजीत श्रीवास्तव ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि 25 जून को बौंडी में असलम की गिरफ्तारी के बाद से ही यह गिरोह रडार पर था। अब फिरोज भी सलाखों के पीछे है और फरार मुल्कराज को भी जल्द ही दबोच लिया जाएगा। पुलिस का दावा है कि इस बड़े गिरोह के खात्मे से जिले में चोरी की घटनाओं पर लगाम लगेगी।