कोयला गैसीकरण भारत के ऊर्जा क्षेत्र में ‘नई क्रांति’ लाएगा: जी. किशन रेड्डी

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नई दिल्ली, 28 मई । केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने गुरुवार को कहा कि कोयला गैसीकरण भारत के ऊर्जा क्षेत्र में ‘नई क्रांति’ व औद्योगिक आत्मनिर्भरता लाएगा। जी. किशन रेड्डी ने कहा कि देश एक आत्मनिर्भर और सुरक्षित ऊर्जा इकोसिस्टम का निर्माण कर रहा है, जिसमें कोयला गैसीकरण और महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मुख्य स्तंभों का काम करेंगे।

कोयला मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में ‘सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने की योजना’ पर आयोजित रोडशो के बाद अपने संबोधन में केंद्रीय कोयला और खान मंत्री ने ये बात कही। रेड्डी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत एक भविष्य के लिए तैयार, आत्मनिर्भर और सुरक्षित ऊर्जा इकोसिस्टम की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है, जो जिसमें कोयला गैसीकरण देश के औद्योगिक और आर्थिक बदलाव का एक प्रमुख स्तंभ बनकर उभर रहा है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोयला गैसीकरण केवल एक ऊर्जा पहल नहीं है, बल्कि एक रणनीतिक राष्ट्रीय मिशन है जो भारत को आयात पर निर्भरता कम करने, स्वच्छ कोयले के उपयोग को बढ़ावा देने और उर्वरक, पेट्रोकेमिकल्स, मेथनॉल, हाइड्रोजन और उन्नत विनिर्माण सहित डाउनस्ट्रीम उद्योगों में नए अवसर पैदा करने में मदद करेगा।

इस अवसर पर अपने संबोधन में कोयला और खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने इस बात पर प्रकाश डाला कि केंद्र सरकार के अनुमोदित 37,500 करोड़ रुपये की योजना, कोयला गैसीकरण और देश के प्रचुर घरेलू कोयला संसाधनों के स्वच्छ उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि यह पहल एलएनजी, मेथनॉल, अमोनिया, यूरिया, अमोनियम नाइट्रेट और कोकिंग कोयला जैसे उत्पादों के आयात पर निर्भरता को काफी हद तक कम करेगी, साथ ही भारत की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक आत्मनिर्भरता को भी सुदृढ़ करेगी।

कोयला मंत्रालय ने जारी एक बयान में कहा कि नई दिल्ली में ‘सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने की योजना’ पर एक रोड-शो का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इसमें नीति-निर्माताओं, राज्य सरकार के प्रतिनिधियों, उद्योग जगत के दिग्गजों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, निवेशकों, वित्तीय संस्थानों और कोयला गैसीकरण क्षेत्र के प्रमुख हितधारकों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।

इस रोडशो में कोयला गैसीकरण की अपार संभावनाओं, नई मंजूर योजना के तहत उपलब्ध नीतिगत सहयोग और इस रणनीतिक क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भागीदारी के लिए उभरते अवसरों को प्रदर्शित किया गया। यह कार्यक्रम भारत के विशाल घरेलू कोयला संसाधनों के स्वच्छ और अधिक कुशल उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में संवाद, सहयोग और हितधारकों की भागीदारी के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में भी काम आया।

मंत्रालय के मुताबिक कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मुख्य अतिथि के रूप में इस अवसर की शोभा बढ़ाई, जबकि कोयला और खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने विशिष्ट अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम में शिरकत की। कोयला मंत्रालय के सचिव विक्रम देव दत्त, कोयला मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव सनोज कुमार झा, और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहे।