नई दिल्ली, 26 मई । भारतीय अंडर-18 पुरुष और महिला हॉकी टीमें अंडर-18 एशिया कप 2026 में भाग लेने के लिए जापान के काकामिगाहारा रवाना हो गई हैं। यह टूर्नामेंट 29 मई से 6 जून तक आयोजित किया जाएगा।
भारतीय पुरुष टीम सोमवार शाम को दिल्ली से रवाना हुई, जबकि महिला टीम मंगलवार सुबह जापान के लिए रवाना हुई। दोनों टीमें भोपाल में आयोजित लंबे राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए अभ्यास मुकाबलों के बाद टूर्नामेंट में हिस्सा लेने जा रही हैं।
पुरुष टीम के कोचिंग स्टाफ में सरदार सिंह और रजनीश मिश्रा शामिल हैं, जबकि भारतीय महिला टीम की कोच पूर्व कप्तान रानी हैं।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली उपयोगी तैयारी
एशिया कप की तैयारी के तहत भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने भोपाल में ऑस्ट्रेलिया अंडर-18 टीमों के खिलाफ चार-चार अभ्यास मुकाबले खेले।
भारतीय पुरुष टीम ने एक मुकाबला जीता, एक हारा, जबकि दो मैच ड्रॉ रहे। वहीं भारतीय महिला टीम ने श्रृंखला का समापन शानदार जीत के साथ किया। इन मुकाबलों से खिलाड़ियों को महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय अनुभव मिला।
केतन कुशवाहा करेंगे पुरुष टीम की कप्तानी
फॉरवर्ड खिलाड़ी केतन कुशवाहा भारतीय पुरुष टीम की कप्तानी करेंगे। भारत को पूल-ए में रखा गया है।
भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 29 मई को कजाखस्तान के खिलाफ करेगी। इसके बाद टीम जापान (31 मई), कोरिया (1 जून) और चीनी ताइपे (3 जून) से भिड़ेगी।
पूल-बी में मलेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश और चीन की टीमें शामिल हैं।
दोनों पूलों की शीर्ष दो टीमें 5 जून को होने वाले सेमीफाइनल में पहुंचेंगी, जबकि फाइनल मुकाबला 6 जून को खेला जाएगा।
कप्तान केतन कुशवाहा ने कहा,
“भारत का प्रतिनिधित्व करना हमारे लिए गर्व की बात है। भोपाल शिविर और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबलों से हमें काफी सीख मिली। टीम का तालमेल शानदार है और हम एशिया की मजबूत टीमों के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं।”
स्वीटी कुजूर के नेतृत्व में उतरेगी महिला टीम
भारतीय महिला टीम की कप्तानी स्वीटी कुजूर करेंगी। महिला टीम को भी पूल-ए में रखा गया है।
भारत अपना पहला मुकाबला 30 मई को मलेशिया के खिलाफ खेलेगा। इसके बाद 31 मई को कोरिया और 2 जून को सिंगापुर से मुकाबला होगा।
दोनों पूलों की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।
कप्तान स्वीटी कुजूर ने कहा, “पूरी टीम एशिया कप को लेकर उत्साहित और आत्मविश्वास से भरी है। हमने शिविर में कड़ी मेहनत की है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबलों से हमें अपनी ताकत और कमजोरियों का पता चला। श्रृंखला जीतने से हमारा आत्मविश्वास और बढ़ा है। हम भारत को गौरवान्वित करने के लिए पूरा दम लगाएंगे।”