प्रधानमंत्री ने इस सुभाषित का अर्थ बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि की खुशी और कल्याण जनता के सुख और हित में निहित होता है। एक सच्चा जनप्रतिनिधि निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर जनता की प्राथमिकताओं को ही अपना मानता है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में जनसेवा और राष्ट्रसेवा के प्रति जनप्रतिनिधियों के समर्पण की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को बधाई दी और उनके योगदान को देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।