पूर्वी चंपारण,20 अप्रैल । सुगौली नगर पंचायत की बैठक में सोमवार को पार्षदों का गुस्सा खुल कर सामने आया। पिछले चार महीनों से विकास कार्य ठप रहने का आरोप लगाते हुए पार्षदों ने मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) से कड़े शब्दों में जवाब मांगा। बैठक की शुरुआत से ही माहौल गरम रहा और विभिन्न मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली।पार्षदों ने नल-जल योजना की बदहाल स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि कई वार्डों में जलापूर्ति पूरी तरह ठप है और टेंडर प्रक्रिया भी रोक दी गई है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी हो रही है। इसके साथ ही वार्डों में असमान विकास कार्य को लेकर भी नाराजगी जताई गई। आरोप लगाया गया कि कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में अधिक काम कराए गए, जबकि अधिकांश वार्ड उपेक्षित रहे। बैठक में स्ट्रीट लाइट की खराब स्थिति, अनावश्यक खरीदारी और जिम उपकरणों के टूटे होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा।
पार्षदों ने कहा कि जिम उपकरण लंबे समय से खराब पड़े हैं, लेकिन उनकी मरम्मत को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई। इस पर संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की बात कही गई। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर भी पार्षदों ने नाराजगी जताई और इसे नगर पंचायत कार्यालय से जारी करने की मांग की। आरोप लगाया गया कि ब्लॉक स्तर पर प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है।
पार्षद राजकुमार सर्राफ ने बैठक में तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि कमाई ही मकसद है तो उनका कार्यभार ले लिया जाए। वहीं ईओ की कार्यशैली पर भी सवाल उठे और उन्हें सक्रियता से काम करने की नसीहत दी गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य पार्षद नसरीन अली ने की, जबकि संचालन कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा किया गया। इस दौरान उप मुख्य पार्षद समेत सभी वार्ड पार्षदों में कामिनी श्रीवास्तव,अमृता कुमारी,गुड़िया देवी,शैलेश पटेल,जितेंद्र सिंह,अम्बेया खातून,शिव राम,श्याम शर्मा,तारा खातून,राज कुमार सर्राफ,नजमा खातून,कुरैशा खातून,शकुंतला देवी,इशरत बैतूल,प्रभावती देवी,रोबिन पासवान,वंदना कुमारी,अकरम रजा,मदीना ख़ातून और आरफा खातून उपस्थित रही।