भगवान परशुराम पराक्रम, ज्ञान और न्याय के अद्वितीय प्रतीक हैं : प्रोफेसर चितरंजन मिश्र

Share

गोरखपुर, 19 अप्रैल । भगवान श्री परशुराम जी के प्राकट्य दिवस के पावन अवसर पर गोरखपुर में कौटिल्य परिषद् द्वारा दीवानी कचहरी के सभागार में भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों से बड़ी संख्या में आए लोगों की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना दिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर चितरंजन मिश्र (पूर्व अध्यक्ष, हिन्दी विभाग एवं पूर्व अध्यक्ष, शिक्षक संघ, गोरखपुर विश्वविद्यालय) ने भगवान परशुराम के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे पराक्रम, तप, ज्ञान और न्याय के अद्वितीय प्रतीक हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करें। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त जनपद न्यायाधीश ओम प्रकाश शुक्ल ने की।

कार्यक्रम में पूर्व महापौर डॉ. सत्या पाण्डेय, मार्कण्डेय मणि त्रिपाठी, सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष उमापति उपाध्याय, सेवानिवृत्त निदेशक स्वास्थ्य जी.सी. द्विवेदी, रत्नेश्वर शुक्ला, मधुसूदन त्रिपाठी (पूर्व अध्यक्ष, बार एसोसिएशन), आचार्य शिवम पाण्डेय (विष्णु मंदिर) एवं प्रो. जितेन्द्र मिश्रा (पूर्व संकायाध्यक्ष, विधि विभाग, गोरखपुर विश्वविद्यालय) सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाने और समाज में एकता एवं नैतिकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन श्री कांत मिश्रा (पूर्व अध्यक्ष, गोरखपुर विश्वविद्यालय) ने किया। स्वागत भाषण शिवाजी शुक्ला ने किया।अंत में संजय पाण्डेय ने आभार ज्ञापन करते हुए सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर पूर्व पार्षद शशांक त्रिपाठी, श्रीमती गीता शुक्ला, इंदिरा तिवारी, प्रेमलता चतुर्वेदी, शकुन मिश्रा, पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी, विवेक मिश्रा, राणा प्रताप पाठक, कीर्ति निधि पाण्डेय, कृष्ण कुमार त्रिपाठी, विश्वनाथ पाण्डेय, राजेश पाण्डेय, अजय पाण्डेय, व्यंकटेश त्रिपाठी, रंग बिहारी पाण्डेय, परमात्मा दूबे, शांतनु पाण्डेय, राजेश दूबे, अश्विनी दूबे, अभिजीत पाठक, दिनेश दूबे, सुमित पाण्डेय, अतुल मिश्रा, नितेश मिश्र, अखण्ड पाण्डेय, प्रतीक चतुर्वेदी, विख्यात भट्ट, अविनाश भट्ट, अंकित पाण्डेय ‘टाइगर’, बादल चतुर्वेदी, धर्मेन्द्र मणि त्रिपाठी, सत्य प्रकाश पाण्डेय, हरिहर पाण्डेय, राजेन्द्र द्विवेदी, संतोष मिश्रा, प्रवीन शुक्ला, विनय पाण्डेय, अभिमन्यु पाण्डेय, जितेन्द्र धर दूबे, सर्वेश शरण त्रिपाठी, सी.पी. राय, अनिल राय सहित हजारों लोग उपस्थित रहे।