नई दिल्ली, 14 अप्रैल । जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के मुख्यालय में मंगलवार को “द वोवन लैंड: ए विजुअल नैरेटिव ऑफ मुस्लिम हिस्ट्री इन इंडिया” नामक एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। इस प्रदर्शनी में भारत के निर्माण में मुसलमानों के ऐतिहासिक योगदान को विस्तार से दिखाया गया है।
‘इंडियन हिस्ट्री फोरम’ की ओर से आयोजित इस प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन सुबह 11:00 बजे कई प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति में हुआ। इनमें जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी, अजमेर शरीफ दरगाह की अंजुमन कमेटी के सचिव मौलाना सैयद सरवर चिश्ती, मौलाना असगर अली इमाम मेहदी, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता शमशाद आलम समेत अन्य बुद्धिजीवी और सामुदायिक नेता शामिल थे।
यह प्रदर्शनी भारत में इस्लाम के आगमन और अलग-अलग क्षेत्रों में उसके योगदान और प्रभाव की पूरी कहानी तस्वीरों और दृश्यों के ज़रिए बताती है। सुव्यवस्थित प्रदर्शनों और मॉडलों की एक श्रृंखला के माध्यम से, यह शिक्षा, व्यापार, सामाजिक समानता, महिला सशक्तिकरण और शास्त्रीय ग्रंथों के अनुवाद में मुसलमानों की भूमिका को उजागर करती है। इसके साथ ही वास्तुकला, संस्कृति, भाषा के विकास के साथ-साथ विज्ञान और खगोल विज्ञान में हुई प्रगति को भी प्रदर्शित किया गया है।
प्रदर्शनी का एक मुख्य आकर्षण इसका ‘360-डिग्री विजुअल अनुभव’ है, जिसे आगंतुकों को इतिहास की एक गतिशील यात्रा से जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह इंस्टॉलेशन कहानी कहने की कला को दृश्यों के साथ जोड़ता है, ताकि उस साझा विरासत और सांस्कृतिक समन्वय की गहरी समझ पैदा हो सके जिसने सदियों से भारतीय समाज को आकार दिया है।
प्रदर्शनी जनता के लिए 14 अप्रैल से 19 अप्रैल तक प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुली रहेगी। उद्घाटन के बाद से ही इसमें भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग इस कार्यक्रम का हिस्सा बन रहे हैं।