आय से अधिक संपत्ति मामले में टाउन थाना प्रभारी अभिषेक रंजन पर शिकंजा, किशनगंज-पटना-सारण में रेड

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किशनगंज, 14 अप्रैल । जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने मंगलवार अहले सुबह को किशनगंज टाउन थाना प्रभारी अभिषेक कुमार रंजन के पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।

यह कार्रवाई किशनगंज, पटना और सारण जिले में स्थित उनके आवास और अन्य परिसरों पर की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 8 बजे चार वाहनों से पहुंची नौ सदस्यीय ईओयू टीम ने किशनगंज स्थित उनके आवास और चेंबर में छापेमारी शुरू की।

टाउन थाना से महज 50 मीटर दूरी पर स्थित उनके आवास को टीम ने घेर लिया। कार्रवाई में एक महिला अधिकारी भी शामिल हैं। इस दौरान जांच एजेंसी थाना अध्यक्ष के ड्राइवर हरेंद्र से भी पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार अभिषेक कुमार रंजन की कथित तौर पर माफिया से साठगांठ की भी जांच की जा रही है।

ईओयू की दूसरी टीम ने पटना के रामकृष्णा नगर थाना क्षेत्र स्थित देवनगर कॉलोनी में अभिषेक कुमार रंजन के मकान पर छापेमारी की। इस कार्रवाई का नेतृत्व डीएसपी सीपी यादव कर रहे हैं। टीम के पहुंचने के समय घर पर कोई सदस्य मौजूद नहीं था, जिसके बाद टीम परिजनों के आने का इंतजार करती रही।

सारण जिले के भेल्दी थाना क्षेत्र अंतर्गत उनके पैतृक गांव पैगा में भी सुबह-सुबह दबिश दी गई। जांच टीम दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य सामानों की बारीकी से जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार अभिषेक कुमार रंजन के खिलाफ आय से 1 करोड़ 70 लाख 22 हजार रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया है। इसी मामले में यह छापेमारी की जा रही है।

विभागीय कार्रवाई के तहत पुलिस अधीक्षक द्वारा अभिषेक कुमार रंजन को पद से हटाए जाने की भी चर्चा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। अभिषेक कुमार रंजन वर्ष 2009 बैच के दारोगा हैं। बाद में उन्हें पुलिस निरीक्षक पद पर पदोन्नति मिली। दिसंबर 2024 में उन्होंने किशनगंज सदर थाना का पदभार संभाला था।

इससे पहले वे बहादुरगंज थाना अध्यक्ष भी रह चुके हैं। गौरतलब है कि जिले में महज 15 दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 31 मार्च को पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार के सरकारी आवास पर भी आर्थिक अपराध इकाई ने छापेमारी की थी। लगातार हो रही कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जांच एजेंसी द्वारा दस्तावेजों की जांच जारी है और छापेमारी के बाद बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है।