सुपौल में एलपीजी आपूर्ति पर प्रशासन सख्त, कालाबाजारी पर होगी कड़ी कार्रवाई: डीएम सावन कुमार

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सुपौल, 02 अप्रैल । जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने और कालाबाजारी व जमाखोरी पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से गुरुवार को डीएम सावन कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।

इस दौरान उन्होंने कहा कि जिले में एलपीजी गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है। सभी गैस एजेंसी संचालकों को निर्देश दिया गया है कि उपभोक्ताओं को निर्धारित मूल्य पर ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डीएम ने स्पष्ट कहा कि कालाबाजारी या जमाखोरी में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों और एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए प्रशासन द्वारा नियमित निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।

मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों और एजेंसी संचालकों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। सभी गैस एजेंसियों को होम डिलीवरी के माध्यम से ही गैस वितरण करने और “पहले आओ पहले पाओ” नियम का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है।

एजेंसियों को प्रतिदिन स्टॉक और उस दिन होम डिलीवरी से गैस पाने वाले उपभोक्ताओं की सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया गया है।

जिलाधिकारी ने बताया कि बुकिंग के बाद डीएसी नंबर मिलने पर एजेंसी पर उपभोक्ताओं की भीड़ बढ़ रही है, जिससे वितरण में परेशानी हो रही है। इसे देखते हुए सभी एजेंसियों को बैकलॉग के अनुसार तिथि वार वितरण सूची प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि गोदाम में स्टॉक रहने के बावजूद गैस वितरण नहीं किया गया तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

भीड़-भाड़ वाले गैस गोदामों और एजेंसियों पर होम डिलीवरी व्यवस्था सुचारू रखने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही अनुमंडल स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित कर गैस से संबंधित शिकायतों का समाधान करने को कहा गया है।

जिले के 51 गैस एजेंसियों में से फिलहाल 47 एजेंसियों के पास एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध हैं, जबकि शेष चार एजेंसियों में जल्द आपूर्ति पहुंचने की संभावना है। जिले में वर्तमान में करीब 13,004 एलपीजी सिलेंडरों का स्टॉक मौजूद है। एक अप्रैल को लगभग 4,517 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई, जबकि अभी 21,043 उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार गैस उपलब्ध कराई जानी बाकी है।

प्रशासन द्वारा अब तक 19 गैस एजेंसियों और 24 होटलों व प्रतिष्ठानों पर जांच व छापेमारी की जा चुकी है। घरेलू गैस के वाणिज्यिक उपयोग और कालाबाजारी के आरोप में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।गैस आपूर्ति की निगरानी के लिए समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है,2 अप्रैल को इस नियंत्रण कक्ष में 14 शिकायतें और जानकारी संबंधी कॉल प्राप्त हुए, जिनका निपटारा कर दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान स्टॉक और बॉटलिंग प्लांट से मिल रही आपूर्ति के आधार पर जिले में तत्काल गैस संकट की संभावना नहीं है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर न लें और एजेंसियों के गोदामों पर भीड़ न लगाएं। प्रशासन द्वारा होम डिलीवरी के माध्यम से समय पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।