अधिकारियों ने किसी भी रेहड़ी, खोखे सहित अवैध कब्जाधारी को नहीं बख्शा।
पीएएल शॉपिंग कॉम्पलैक्स में अतिक्रमण की शिकायतें
लंबे समय से अधिकारियों को मिल रही थी। सीएम विंडो व समाधान शिविर तक भी शिकायतें पहुंची
लेकिन इससे पहले अधिकारी केवल मात्र औपचारिकता ही करते रहे। वे सुबह के समय ही अतिक्रमण
हटाते और अधिकारियों को रिपोर्ट दे देते कि अतिक्रमण हटा दिया गया है जबकि असली अतिक्रमण
ही शाम के समय होता रहा है। शाम के समय न केवल रेहड़ी व खोखे वाले, बल्कि बड़े बड़े
शोरूम वाले भी अपने शोरूमों के आगे कुर्सियां लगाकर अवैध कब्जा करते थे और वहीं पर
ग्राहकों को बैठाकर मोटा पैसा कूटते थे। यह रिपोर्ट भी अधिकारियों तक पहुंचाई गई लेकिन
उनके कानों पर जूं नहीं रेंगी।
अभियान शुरू हुआ तो मची अफरा तफरी
एचएसवीपी अधिकारियों का एक दल गुरुवार सुबह पीले
पंजे के साथ पीएलए क्षेत्र में पहुंचा औेर अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया। अचानक चले
अभियान से इलाके में हड़कंप मच गया। भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे प्रशासनिक अमले को
देखकर रेहड़ी संचालकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कई लोग अपनी-अपनी रेहड़ियां
लेकर इधर-उधर भागते नजर आए।
स्थाई कब्जे व जनरेटर तक हटाए
इस दौरान टाउन पार्क की ओर स्थित मार्केट में
लंबे समय से बने स्थायी कब्जों पर कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीन की सहायता से पक्के
ढांचे तोड़े गए। मिनी चौपाटी के नाम से मशहूर इस क्षेत्र में रेहड़ी संचालकों के तंदूर
तोड़े गए, जनरेटर हटाए गए और स्थायी रूप से खड़ी की गई रेहड़ियों को भी क्षतिग्रस्त
किया गया।
वैकल्पिक व्यवस्था की उठी बात
इस पूरी कार्रवाई के बीच एक महत्वपूर्ण पहलू
यह भी सामने आया है कि सरकारी नीति के अनुसार रेहड़ी-पटरी संचालकों को निर्धारित शुल्क
लेकर नियत स्थान उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है। ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है
कि जहां एक ओर अवैध और स्थायी कब्जों को हटाना उचित है, वहीं दूसरी ओर इन छोटे व्यवसायियों
के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करना भी उतना ही जरूरी है, ताकि उनकी रोजी-रोटी प्रभावित
न हो।
ओल्ड कोर्ट कॉम्पलैक्स में भी चलाया अभियान
इससे पहले एचएसवीपी अधिकारियों ने ओल्ड कोर्ट
कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में खाली व्यावसायिक प्लॉट्स पर बनी गरीब परिवारों की झुग्गियों
को भी हटाया गया, जिससे कई परिवार बेघर हो गए। उन्हें स्थान खाली करने की चेतावनी दी
गई, जिसके बाद उनके सामने रहने और रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। लोगों का मानना है
कि प्रशासन को ऐसी कार्रवाई के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में
भी कदम उठाने चाहिए।
पीएलए में फिर लगा भेदभाव का आरोप
पीएलए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की दूसरी साइड की मार्केट
में किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर भी नाराजगी देखने को मिली। वहां
कुछ स्थानों पर स्थायी खोखो और बैठने की व्यवस्था के कारण आने-जाने का रास्ता अवरुद्ध
है, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं की गई। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने चयनात्मक कार्रवाई
का आरोप लगाया है।
कुल मिलाकर, जहां एक ओर प्रशासन की सख्ती को
शहर हित में जरूरी बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित लोगों के पुनर्वास, वैकल्पिक
व्यवस्था और सभी क्षेत्रों में समान रूप से कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी जोर
पकड़ रही है।
एचएसवीपी के एसडीओ रामप्रसाद ने सख्त चेतावनी
देते हुए कहा कि एचएसवीपी की जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया
जाएगा। आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।