मीरजापुर, 22 मार्च । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को चुनार तहसील स्थित सक्तेशगढ़ आश्रम में स्वामी अड़गड़ानंद महाराज का आशीर्वाद लेने के बाद कहा कि संतों का मार्ग ही मनुष्य को देवत्व तक पहुंचाता है। इसी सनातन चेतना के कारण आज विश्व पटल पर भारत की आध्यात्मिक शक्ति उभरकर सामने आई है। उन्होंने सनातन परंपरा को मानवता के लिए मार्गदर्शक बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वामी अड़गड़ानंद महाराज का आशीर्वाद लिया और आश्रम में करीब एक घंटे से अधिक समय बिताया। इस दौरान वह सत्संग हाल में आयोजित सभा में शामिल हुए और संतों व श्रद्धालुओं को संबोधित किया। मुख्यमंत्री के आगमन से आश्रम परिसर में पूरे समय श्रद्धा, उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा।
सत्संग हाल में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मुझे अपने जीवन में संतों के मार्ग से जुड़ने का अवसर मिला। संतों के मार्ग से देवत्व की प्राप्ति कैसे होती है, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण यहां दिखाई देता है। यह ईश्वर की लीला है, जो हमारी सनातन संस्कृति के लिए प्रेरणा, आशीर्वाद और विश्वास को और अधिक प्रगाढ़ करती है।
संत सेवा के साथ श्रद्धालुओं के लिए बेहतर प्रबंधन का संकल्प लेकर लौटे मुख्यमंत्री
उन्होंने कहा कि स्वामी अड़गड़ानंद महाराज से आशीर्वाद लेकर वह संकल्पित हैं कि आने वाले समय में संतों की सेवा के साथ-साथ सभी भक्तों, श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों के लिए बेहतर से बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम संकल्पित हैं कि यहां आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए जितनी अच्छी व्यवस्था हो सकती है, वह की जाए।
लीला स्थलों को संवारेगी सरकार, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में धार्मिक पर्यटन को लेकर भी सरकार की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े स्थलों को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित कर रही है। उनका कहना था कि आस्था से जुड़े स्थलों को सुविधाओं, व्यवस्थाओं और सांस्कृतिक पहचान के आधार पर मजबूत किया जा रहा है, ताकि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण मिल सके।
शहरों में गीता भवन बनाने की तैयारी, शिक्षा और विचार-विमर्श को मिलेगा नया केंद्र
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नगरीय निकायों, नगर पालिकाओं और नगर निगम क्षेत्रों में गीता भवन बनाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हम ऐसे गीता भवन बना रहे हैं, जहां सभागार हो, विचार-विमर्श की जगह हो, कंप्यूटर और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं हों, ताकि विद्यार्थी और समाज दोनों उसका लाभ ले सकें। उन्होंने बताया कि इस दिशा में कई स्थानों पर काम शुरू भी हो चुका है।
स्वामी अड़गड़ानंद महाराज से मोहन यादव का पुराना आध्यात्मिक जुड़ाव
स्वामी अड़गड़ानंद महाराज और सक्तेशगढ़ आश्रम से मुख्यमंत्री मोहन यादव का पुराना आध्यात्मिक जुड़ाव माना जाता है। यही वजह है कि उनका यह दौरा राजनीतिक औपचारिकता से आगे बढ़कर श्रद्धा, संत सम्मान और गुरु-आशीर्वाद का प्रतीक बन गया। एक ओर उन्होंने संतों का आशीर्वाद लिया, तो दूसरी ओर श्रद्धालुओं की सुविधा, संत सेवा और धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर अपनी सरकार का संकल्प भी सामने रखा।
मुख्यमंत्री बोले, दिव्यता और भव्यता के साथ सजेगा उज्जैन महाकुंभ 2028
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले महाकुंभ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस महाआयोजन को दिव्य, भव्य और व्यवस्थित स्वरूप देने के लिए पूरी तैयारी कर रही है। महाकुंभ में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि आवागमन, ठहरने, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य मूलभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और वे सुगम, सुरक्षित और सुखद वातावरण में धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हो सकें।