नव संवत्सर पर ठाकुर जी सुनेंगे नव वर्ष पंचांग

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नीम और काली मिर्च स्वास्त व ताक़त के लिए और मिश्री मिठास के लिए। तीनों के मिश्रण से लेने से स्वस्थ लाभ होता है। यह परंपरा रियासत काल से चली आ रही है। मान्यता थी की इसको लेने से वर्ष भर बीमारी नहीं होती थी। मंदिर परिवार आज भी यह परंपरा निभाता आ रहा है ।

महंत नरेंद्र तिवाड़ी ने बताया कि साथ ही शाम को छह बजे से भक्त समाज द्वारा बधाई उत्सव एवम कीर्तन किया जाएगा और 20 मार्च को महिला भक्त समाज द्वारा श्री सीताजी को सिंजारा पुजाया जायेगा ।