कैथल : पानी का बिल नहीं भरा तो अब कटेगा कनेक्शन

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कैथल, 10 मार्च । उपायुक्त अपराजिता ने शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के बकाया बिलों की वसूली तेज करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने समय पर बिल जमा नहीं कराया है, उनके पानी के कनेक्शन काटे जाएंगे। जल आपूर्ति सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए राजस्व की नियमित वसूली बेहद जरूरी है।

मंगलवार को लघु सचिवालय में आयोजित जिला जल एवं सीवरेज मिशन की चौथी बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीसी ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में लंबित जल बिलों की जल्द से जल्द रिकवरी सुनिश्चित की जाए। साथ ही लोगों को ऑनलाइन माध्यम से बिल जमा कराने के लिए भी प्रेरित किया जाए। उन्होंने कैथल और गुहला स्थित प्रयोगशालाओं में पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

डीसी ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में जिन घरों में पानी के मीटर लगे हुए हैं उनसे 60 रुपये प्रतिमाह तथा जिन घरों में मीटर नहीं है उनसे 120 रुपये फ्लैट रेट के रूप में वसूले जाते हैं। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य व ओबीसी वर्ग से 40 रुपये तथा अनुसूचित जाति वर्ग से 20 रुपये प्रतिमाह पानी का बिल लिया जाता है। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों के लिए ग्राम पंचायतों के खाते खुलवाए जाएं और इस कार्य में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा ग्राम सचिव जनस्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत जिले में आठ से 22 मार्च तक ‘जल महोत्सव पखवाड़ा’ मनाया जा रहा है। डीसी ने निर्देश दिए कि इस पखवाड़े को केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे जन-आंदोलन के रूप में मनाते हुए जल संरक्षण, सामुदायिक भागीदारी और महिलाओं की सक्रिय भूमिका को बढ़ावा दिया जाए।

जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता अभिषेक शेर ने बताया कि पखवाड़े की शुरुआत आठ मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम से हुई, जिसमें नगर परिषद कैथल की अध्यक्ष सुरभि गर्ग मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस दौरान जल संरक्षण व जल प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 45 महिलाओं को सम्मानित किया गया।

बैठक में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के वासो के जिला सलाहकार दीपक कुमार ने 11 से 22 मार्च तक प्रस्तावित कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि इनमें सामुदायिक भागीदारी, क्षमता निर्माण और महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाने पर विशेष जोर रहेगा।

इस दौरान ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणाली को मजबूत करने के लिए डिस्ट्रिक्ट टेक्निकल यूनिट (डीटीयू) के गठन पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि यह यूनिट ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों को तकनीकी सहायता प्रदान करेगी और सभी योजनाओं को ‘सुजलम भारत’ डेटाबेस से जोड़ेगी।

डीसी अपराजिता ने कहा कि जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को समय पर पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टोल फ्री नंबर 1800-180-5678 पर प्राप्त होने वाली शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए और जल महोत्सव पखवाड़ा के सभी कार्यक्रम प्रभावी ढंग से आयोजित किए जाएं। बैठक में सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, डीडीपीओ रितु लाठर, कार्यकारी अभियंता अभिषेक शेर, जिला सलाहकार दीपक कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।