चंडीगढ़, 03 फ़रवरी । पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया राज्य में नशे के विरूद्ध जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से भारत-पाकिस्तान की सीमा से सटे चार जिलों में ‘वॉक अगेंस्ट ड्रग्स’ निकालेंगे।
चंडीगढ़ में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कटारिया ने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत सीमावर्ती जिलों तरनतारन, फिरोजपुर और फाजि़ल्का में चार दिवसीय जागरूकता पदयात्रा आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य नशे के खिलाफ जन-भागीदारी को सशक्त बनाना है।
राज्यपाल ने बताया कि पंजाब रेड क्रॉस सोसाइटी के सहयोग से आयोजित इस पदयात्रा का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज को जागरूक करना है। उन्होंने पुनर्वास और रोजगार सृजन को नशे के विरुद्ध संघर्ष के प्रमुख स्तंभ बताते हुए कहा कि कड़े कानून-प्रवर्तन और सतत जन-जागरूकता के साथ-साथ प्रभावित व्यक्तियों को सम्मानपूर्वक समाज की मुख्यधारा में पुनस्र्थापित करना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि 9 फरवरी को तरनतारन, 10 फरवरी को फिरोजपुर, 11 फरवरी को फाजिल्का, 12 फरवरी को अबोहर (फाजि़ल्का) में यात्रा निकाली जाएगी। राज्यपाल ने कहा कि नशा केवल स्थानीय या राज्य स्तर की समस्या नहीं, बल्कि एक वैश्विक चुनौती है, जिसका सामना सामूहिक और निरंतर प्रयासों से ही किया जा सकता है। उन्होंने सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों तथा अन्य संगठनों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। राज्यपाल ने दोहराया कि सार्थक परिवर्तन सतत प्रयास, सामुदायिक सहभागिता तथा पुनर्वास पर विशेष ध्यान देकर ही संभव है, ताकि प्रभावित व्यक्तियों को गरिमा के साथ रोजगार के अवसर मिलें और वे समाज की मुख्यधारा में पुन: स्थापित हो सकें।