चक्रधर समारोह : सितार वादन की मधुर धुनों से प्रो.डॉ.लवली शर्मा ने बांधा समां

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उल्लेखनीय है कि प्रो.डॉ.लवली शर्मा ने 15 वर्ष की आयु में वीणाचंद्रा से सितार वादन की शिक्षा प्राप्त की। तत्पश्चात उन्होंने कोलकाता के प्रसिद्ध सितार वादक कल्याण लहरी से उच्च प्रशिक्षण लिया। उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से संगीत में स्नातकोत्तर उपाधि गोल्ड मेडल के साथ हासिल की, वहीं बड़ौदा विश्वविद्यालय से 1986 में पीएचडी प्राप्त की। सितार वादन में अद्वितीय निपुणता के कारण डॉ.शर्मा ने देश-विदेश के प्रतिष्ठित मंचों पर शास्त्रीय प्रस्तुतियां दी हैं। उन्हें कला भूषण सहित अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।