जेल में बंदी से पिटाई का मामला : हाई कोर्ट में तीन अप्रैल को फिर होगी सुनवाई

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जेल में बंदी से पिटाई का मामला : हाई कोर्ट में तीन अप्रैल को फिर होगी सुनवाई

– कोर्ट ने जेलकर्मियों पर हुई कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार से मांगा जवाब

ब‍िलासपुर, 25 फ़रवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने सारंगढ़ उप जेल में कैदी से पिटाई और अवैध गतिविधियों को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई चल रही है। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में आज मंगलवार को सुनवाई हुई।

सुनवाईमें प्रदेश सरकार से हलफनामे पर इस पूरे मामले में जेलकर्मियों पर कार्रवाई को लेकर महाधिवक्ता ने जवाब दिया। वहीं पूर्व आदेश के परिपालन में बताया कि, जहां तक जांच का सवाल है, अभी तक 3 लोगों की जांच चल रही है। दो लोगों को बरी किया गया है। वही 2 जांच अधिकारी के पास स्थानांतरित कर दिया गया था। अब 2 जांच अधिकारी के पास स्थानांतरित कर जांच की जा रही है। इसके बाद बेंच ने 3 अप्रैल का समय देते हुए नया शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। 15 जनवरी 2025 को सुनवाई के दौरान शपथपत्र में जवाब में कहा था कि 10 व्यक्तियों के विरुद्ध शुरू की गई जांच में, एक दोषी कर्मचारी के विरुद्ध जांच पूरी हो गई है और उसे दण्डित किया गया है, जबकि तीन मामलों में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है और कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और तीन मामलों में जांच पूरी हो गई है और रिपोर्ट तैयार की जा रही है तथा तीन मामलों में जांच चल रही है। राज्य के अधिवक्ता को जांच रिपोर्ट की स्थिति और उठाए गए कदमों के संबंध में मामले में आगे हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। वहीं कोर्ट ने एक फिर सरकार को समय देते हुए 3 अप्रैल 2025 तक नया शपथ पत्र पेश करने निर्देश दिए हैं।

दरअसल सारंगढ़ उपजेल में वसूली के लिए कैदी को टॉर्चर किये जाने का मामला उजागर हुआ था। जिसपर हस्तक्षेप याचिकाकर्ता दीपक चौहान और दिनेश चौहान ने अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला के माध्यम से अपना पक्ष रखा था। वहीं सारंगढ़ उपजेल मामले में संलिप्त आरोपी जेलकर्मियों पर कार्रवाई को लेकर पुलिस महानिदेशक जेल से शपथपत्र में जवाब प्रस्तुत करने कहा था। वहीं अब शुरू हुई विभागीय जांच और कार्रवाई पर लगातार कोर्ट जवाब मांगकर निगरानी कर रहा है।

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