बोरवेल में फंसे मासूम का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, एनडीआरएफ ने संभाली कमान!

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झालावाड़ जिले में 150 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 5 साल के बच्चे प्रह्लाद का रेस्क्यू ऑपरेशन सोमवार को भी जारी है। इस कड़ी में एसडीआरएफ की टीम लगातार 12 घंटे तक बचाव कार्य में जुटी हुई है। बताया गया है कि प्रह्लाद बोरवेल के 30 फीट गहरे हिस्से में फंसा हुआ है। शुरू में बच्चे की आवाज सुनी गई थी, जो हालात की गंभीरता को दर्शाती है। इस दौरान, बोरवेल के पथरीले क्षेत्र में होने के कारण बचाव कार्य में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा रहा है।

बचाव टीम ने बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइप का सहारा लिया है, ताकि उसकी स्थिति और न बिगड़े। झालावाड़ से आई एसडीआरएफ की टीम ने बचाव के लिए एक स्थानीय तकनीक का इस्तेमाल करते हुए प्रह्लाद को निकालने का प्रयास कर रही है। साथ ही, कोटा से आई एनडीआरएफ टीम भी इस रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग कर रही है। उल्लेखनीय है कि यह बोरवेल लगभग तीन दिन पहले ही शुक्रवार को खोदा गया था, जब बच्चे के गिरने की घटना हुई।

बच्चे के गिरने के बाद उसके परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि परिजनों पर इस संकट का कितना गहरा असर पड़ा है। घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और रेस्क्यू कार्य शुरू किया। डग थानाधिकारी पवन कुमार ने बताया कि प्रह्लाद, जिसको कालूलाल का पुत्र बताया जाता है, अपने माता-पिता के साथ खेत पर काम करने आया था। माता-पिता काम में व्यस्त थे और इसी बीच प्रह्लाद बोरवेल के पास खेल रहा था। रविवार दोपहर करीब 1:40 बजे वह बोरवेल में गिर गया था, जब वह बोरवेल को ढकने के लिए रखे गए पत्थर के साथ नीचे गिर गया।

भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए, शायद यह जरूरी है कि खेतों में खोदे जाने वाले बोरवेल को पूरी तरह से ढका जाए और उनकी सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। इस प्रकार की घटनाओं के प्रति सजग रहना और उचित सावधानियों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी होनी चाहिए। सांस थाम लेने वाली इस घटना ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है और रेस्क्यू टीम का प्रयास देखना बेहद अहम है।

इस घटना से सबक लेते हुए हमें बच्चों की सुरक्षा को अधिक प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। जैसे-जैसे रेस्क्यू अभियान चल रहा है, हम सभी प्रह्लाद की सलामती की कामना कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि उसे जल्द ही सुरक्षित रूप से बाहर निकाला जाएगा। रेस्क्यू की तस्वीरें भी इस जद्दोजहद और संकल्प को दर्शाती हैं कि किस प्रकार बचाव योजनाएं बनाई जा रही हैं और सब मिलकर प्रह्लाद की सुरक्षा के लिए प्रयासरत हैं।