दिल्ली विधानसभा सत्र की शुरुआत, शराब घोटाले की CAG रिपोर्ट का होगा पर्दाफाश!

Share

दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र सोमवार से आरंभ हो रहा है, जो 27 फरवरी तक चलेगा। इस सत्र के दौरान 26 फरवरी को शिवरात्रि की छुट्टी होगी। पहले दिन प्रोटेम स्पीकर अरविंदर सिंह लवली द्वारा उपराज्यपाल वीके सक्सेना को शपथ दिलाई जाएगी, इसके बाद प्रोटेम स्पीकर, विधायकों को शपथ दिलाने की प्रक्रिया करेंगे। इस सत्र में नए स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का चुनाव भी होगा। भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता के स्पीकर बनने की संभावनाएं काफी प्रबल हैं, जबकि मोहन सिंह बिष्ट को डिप्टी स्पीकर के रूप में नामित किया जा सकता है। विजेंद्र गुप्ता ने हाल ही में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की थी, जो सत्र में उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को इस बात का जिक्र किया कि विधानसभा के इस सत्र में नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की 14 लंबित रिपोर्टों को पेश किया जाएगा। इन रिपोर्टों में बताया गया है कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की गलत शराब नीति के कारण दिल्ली को 2026 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। दिल्ली विधानसभा बुलेटिन के अनुसार, उपराज्यपाल सक्सेना 25 फरवरी को विधानसभा को संबोधित करेंगे, जिसके बाद CAG की रिपोर्ट पेश की जाएगी। इसके साथ ही LG द्वारा दिए गए संबोधन पर धन्यवाद प्रस्ताव के लिए भी चर्चा होगी। इस सत्र में CAG रिपोर्ट और महिला सम्मान योजना पर हलचल होने की संभावना बढ़ गई है।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा है कि भाजपा का मुख्य उद्देश्य दिल्ली के विकास को सुनिश्चित करना और लोगों की समस्याओं को हल करना है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि AAP को CAG रिपोर्ट पेश करने के लिए पर्याप्त समय मिला था, लेकिन वह विधानसभा चुनावों का बहाना बना रही है। भाजपा 2015-2024 के दौरान CAG की रिपोर्टों में उजागर की गई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर AAP पर प्रहार करने की योजना बना रही है।

सप्ताहांत में AAP विधायकों की बैठक भी हुई, जिसमें 22 विधायकों के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भाग लिया। इस बैठक में कालकाजी से विधायक आतिशी को विपक्ष का नेता चुना गया है, जिससे दिल्ली में पहली बार एक महिला इस पद को संभालेंगी। साथ ही, यह भी पहली बार होगा कि सरकार और विपक्ष की कमान दो महिलाओं के हाथ में होगी। भाजपा विधायकों की बैठक भी इसी दिन आयोजित हुई, जिसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनके मंत्री भी शामिल हुए। इस बैठक में पार्टी के एजेंडे पर चर्चा की गई और विधायकों को सदन में उनके आचारण संबंधी निर्देश दिए गए।

दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 20 फरवरी को पद की शपथ ली थी और इसके बाद उन्होंने अपने मंत्रियों के साथ पहली कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इस बैठक में आयुष्मान भारत योजना को लागू करने और विधानसभा में CAG की रिपोर्ट्स प्रस्तुत करने को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद, वे यमुना घाट पर जाकर वहां की आरती में शामिल हुईं, यह इस मौके का प्रतीक है कि यमुना की सफाई का मुद्दा दिल्ली विधानसभा चुनावों में कितना महत्वपूर्ण था। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि दिल्ली की नई सरकार यमुना की सफाई के प्रति कितनी गंभीर है।