कुष्ठ रोगियों की 225 गांवों में खोज करेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम
खूंटी, 30 जनवरी (हि.स.)। विश्व कुष्ठ दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग खूंटी के जरिये गुरुवार को बापू की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ जिले में कुष्ठ रोग जागरूकता सह खोज अभियान का शुभारंभ हुआ।
अभियान 13 फरवरी 2025 तक चलेगा। जिले के प्रत्येक गांव में स्वास्थ्य सहिया और एएनएम के माध्यम से ग्रामसभा का आयोजन कर लोगों को कुष्ठ का इलाज के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि यथाशीघ्र कुष्ठ के रोगियों की खोज कर इलाज किया जा सके और उन्हें विकलांगता से बचाया जा सके। कुष्ठ रोग जागरूकता सह खोज अभियान के सफल संचालन के लिए 225 टीम जिले के 225 ग्राम में जाकर कुष्ठ रोगियों की खोज करेगी।
मौके पर डॉ एन मांझी सिविल सर्जन ने बताया कि कुष्ठ न अभिशाप और न ही वंशानुगत रोग है। जल्द जांच और इलाज से कुष्ठ से निजात मिल जाती है। उन्होंने कुष्ठ के लक्षणों की चर्चा करते हुए बताया कि चमडे के रंग से हल्का अथवा फीके रंग अथवा लालीमा लिए हुए छोटा या बड़ा दाग का होना, दाग में सूनापन तथा दाग में दर्द अथवा खुजलाहट नहीं होना, कान, चेहरा, धड़, हाथ अथवा पैर के चमड़े का मोटा होना, चमड़े का रंग लाल हो अथवा चमडे में छोटा-छोटा गांठ निकल जाना, हाथ अथवा पैर में कमजोरी या विकृति पैदा होना, हाथ की तलहथी अथवा पैर के तलवे में घाव होना, आंखों की पलकों में कमजोरी के कारण आंख पूरी तरह बंद नहीं हो सकना, कुष्ठ रोग के लक्षण हैं। उन्होंने कहा कि एमडीटी के सारी खुराक का सेवन नियमित रूप से किया जाए, तो यह पूर्णतः ठीक हो सकता है। उपचार एवं इसकी दवा (एमडीटी) सभी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों में मुफ्त दी जाती है। मौके पर डॉ नमिता टोप्पो, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी, रंजत कुमार, बीरसिंह पूर्ति, शशि भूषण हेमरोम सहित अन्य कर्मी मौजूद थे।
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