उज्जैन, 21 अक्टूबर । मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तड़के भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का गणेश स्वरूप में मनमोहक श्रृंगार किया गया। भांग, चंदन, सिंदूर और रजत आभूषणों से सजे बाबा महाकाल के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्ति और आस्था के बीच संपन्न हुई भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयकारों से गूंज उठा।
बुधवार तड़के चार बजे मंदिर के पट खुलने के बाद सबसे पहले वीरभद्रजी को प्रणाम कर स्वस्ति वाचन किया गया। इसके बाद अनुमति लेकर चांदी का द्वार खोला गया। गर्भगृह में स्थापित देवी-देवताओं का पूजन करने के साथ भगवान महाकाल का अभिषेक और पूजन किया गया। पुजारियों ने भगवान का पूर्व श्रृंगार उतारकर पंचामृत पूजन किया और कपूर आरती संपन्न की।
नंदी हॉल में विराजित नंदीजी का स्नान, ध्यान और पूजन किया गया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से अभिषेक कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। भगवान को ड्रायफ्रूट, फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया। पूजन के बाद ज्योतिर्लिंग पर भस्म चढ़ाई गई।
भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को भांग, चंदन और सिंदूर से सजाया गया। इसके बाद शेषनाग का रजत मुकुट, चांदी की मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पमालाएं अर्पित की गईं। आभूषणों से सुसज्जित बाबा महाकाल का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान को भस्म अर्पित की गई।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। भस्म आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन किए और उनके कान के समीप अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं। बाबा महाकाल के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
