कार्यक्रम में डीपीएमयू मंडी से डॉ. खूब राम, गोहर के अधिकारी एवं कर्मचारी, उद्यान विभाग से एचईओ, कृषि विभाग से एटीएम एवं बीटीएम तथा डॉ. ऑर्चर्ड के हितधारकों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने किसानों को एसएचईपी कार्यक्रम की अवधारणा, इसकी प्रमुख गतिविधियों तथा बाजारोन्मुख खेती के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए किसानों को उत्पादन के साथ-साथ बाजार की मांग और उपज के उचित मूल्य की जानकारी होना भी आवश्यक है। एपीएमसी डडौर और एसएमवाई चैलचौक में करवाया गया मार्केट सर्वे कार्यक्रम के अंतर्गत एपीएमसी डडौर और एसएमवाई चैलचौक में मार्केट सर्वे करवाया गया। इस दौरान किसानों को कृषि उपज मंडियों की कार्यप्रणाली, विभिन्न सब्जियों की मांग, उपलब्धता और बाजार में उनकी कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव के बारे में जानकारी दी गई। किसानों को समझाया गया कि बाजार की मांग और मूल्य की जानकारी के आधार पर फसलों का चयन तथा उत्पादन की योजना बनाकर बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
