मंडी, 26 अक्टूबर । बेटी का विवाह हर परिवार के लिए जिंदगी का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। माता-पिता अपनी सामर्थ्य के अनुसार बेटी के इस नए सफर को यादगार बनाने का प्रयास करते हैं, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए विवाह का खर्च कई बार परिजनों के लिए बड़ी चिंता का कारण बन जाता है। ऐसे परिवारों की बेटियों के लिए राज्य सरकार की ‘शगुन योजना’ आशा की एक नई किरण बनकर आई है।
शगुन योजना के तहत बीपीएल परिवार से संबंधित 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की बेटी के विवाह के लिए राज्य सरकार द्वारा 31 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का लाभ बेटी के माता-पिता अथवा संरक्षक के अलावा पात्र बेटी स्वयं भी प्राप्त कर सकती है।
गत लगभग चार वर्षों में 187 पात्र बेटियों को 57,97,000 रुपए की सहायता प्रदान की गई।
करसोग क्षेत्र में चार वर्षों में 187 बेटियों को मिली यह सहायता स्पष्ट करती है कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंच रहा है और जरूरतमंद बेटियों के जीवन में सरकार की योजनाएं वास्तविक बदलाव का माध्यम बन रही हैं।
करसोग क्षेत्र के लाभान्वित परिवारों के मुखिया प्रेम सिंह, निवासी दच्छैण करसोग, राम लाल, निवासी लोअर करसोग और जगदीश कुमार, निवासी सनारली ने बताया कि उन्हें उनकी बेटियों की शादी के लिए शगुन योजना के अन्तर्गत राज्य सरकार से 31-31 हजार रुपए की राशि प्राप्त हुई है। इस राशि से बेटी का विवाह करने में अत्याधिक मदद मिली है।
सीडीपीओ करसोग इंद्र सिंह ने बताया कि शगुन योजना के अन्तर्गत पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। राज्य सरकार की यह पहल न केवल जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक राहत बन रही है, बल्कि बेटियों के सम्मान और गरिमा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
