ड्रोन सर्वे के माध्यम से अवैध खनन तय करने को लेकर आंशिक राहत

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जयपुर, 29 अक्टूबर । राजस्थान हाईकोर्ट ने ड्रोन सर्वे के माध्यम से अवैध खनन तय करने के मामले में लीजधारकों को आंशिक राहत दी है। अदालत ने कहा है कि सरकार इस मामले में खान विभाग के प्रस्ताव पर दस दिन में निर्णय करें, अन्यथा लीजधारकों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाए। जस्टिस आनंद शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश स्मॉल माइंस लीज होल्डर एसोसिएशन की याचिका पर दिए।

याचिका में वरिष्ठ अधिवक्ता कमलाकर शर्मा ने बताया कि ड्रोन सर्वे के आधार पर अवैध खनन तय करने और उसे पिछली तारीख से लागू करने का निर्णय सही नहीं है। इसके अलावा अवैध खनन को लेकर एकमुश्त समझौता करने का निर्णय भी उचित नहीं है। खान विभाग स्वयं भी ड्रोन सर्वे के जरिए अवैध खनन तय करने को सही नहीं मानकर सरकार को नया प्रस्ताव भेज चुका है। इस पर खान विभाग ने प्रस्ताव पर निर्णय लेने के लिए दस दिन का समय मांगा। एकलपीठ ने समय देते हुए निर्णय नहीं करने पर लीजधारकों पर सख्त कार्रवाई नहीं करने को कहा है।