महिला कॉलेज में एनडीआरएफ ने छात्राओं को सिखाए आपदा से बचाव के तरीके

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पश्चिमी सिंहभूम, 04 अक्टूबर । चाईबासा महिला कॉलेज में रविवार को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 9वीं बटालियन, बिहटा (पटना) की टीम ने आपदा प्रबंधन और बचाव तकनीकों को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें करीब 200 छात्राओं को प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं के दौरान सुरक्षित रहने तथा जरूरत पड़ने पर दूसरों की मदद करने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।

एनडीआरएफ जवानों ने बाढ़, भूकंप और तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ आग लगने, सड़क दुर्घटना और रेल हादसे जैसी आपात स्थितियों में बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आपदा के समय घबराने के बजाय संयम बनाए रखना जरूरी है। पहले अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद ही दूसरों की मदद करनी चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान स्ट्रेचर तैयार करने, घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थानांतरित करने, हार्ट अटैक की स्थिति में प्राथमिक उपचार और सीपीआर देने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। सर्पदंश के बाद बरती जाने वाली सावधानियों और पानी में डूब रहे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने के तरीके भी बताए गए। छात्राओं ने बचाव अभ्यास में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस दौरान आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों तथा एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की जिम्मेदारियों की जानकारी भी दी गई। अग्नि सुरक्षा और आपात स्थिति में सही निर्णय लेने के महत्व पर चर्चा करते हुए जवानों ने कहा कि प्राथमिक बचाव तकनीकों का ज्ञान संकट के समय जीवन बचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

कार्यक्रम में एनडीआरएफ के सब-इंस्पेक्टर कबि रंजन शर्मा, सब-इंस्पेक्टर आर.ओ. विनय कुमार, कांस्टेबल राजेश यादव, विकास, जगदीश, निभा और सीमा समेत अन्य जवान मौजूद रहे।

डॉ. अर्पित सुमन टोप्पो ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को आपदा के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें स्वयं और दूसरों की सुरक्षा के लिए जरूरी प्राथमिक बचाव कौशल प्रदान करना है। मौके पर ललिता सवैया, राजन समेत कॉलेज के अन्य सदस्य और करीब 200 छात्राएं मौजूद रहीं।