मप्रः मुख्यमंत्री रविवार को 950 एमएसएमई इकाइयों को वितरित करेंगे 490 करोड़ रुपये की सहायता राशि

Share

भोपाल, 31 अक्टूबर । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार, 01 नवंबर को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक से 950 एमएसएमई इकाइयों को 490 करोड़ और 100 से अधिक स्टार्टअप को लगभग 1.50 रुपये करोड़ सहायता राशि वितरित करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ यादव उद्यमियों को भूमि आबंटन आशय पत्र और उद्यम क्रांति योजना के हितग्राहियों को ऋण राशि भी वितरित करेंगे।

7000 करोड़ का निवेश और 17000 रोजगार देने वाली इकाइयों को प्रोत्साहन

सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई ) मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि जिन इकाईयों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है उनके द्वारा 7,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर 17,000 से अधिक व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान किया जा रहा है। मप्र एमएसएमई विकास नीति अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों की 950 से अधिक एमएसएमई को सिगंल क्लिक के माध्यम से 490 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान राशि का वितरण किया जाएगा।

इसी तरह स्टार्टअप नीति 2025 के अंतर्गत प्रदेश के 100 से अधिक स्टार्टअप को सिंगल क्लिक द्वारा लगभग 1.50 रुपये करोड़ सहायता की स्वीकृति/वितरण किया जाएगा।मंच से ही 05 उद्यमियों को भूमि आवंटन के आशय पत्र प्रदान करने के साथ ही 04 उद्यमियों को मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अन्तर्गत ऋण राशि का चेक प्रदाय किया जाएगा।मुख्यमंत्री 04 उद्योग संघ के प्रतिनिधियों/उद्यमियों/स्टार्टअप से संवाद भी करेंगे।

मंत्री काश्यप ने बताया कि विभाग द्वारा प्रदेश में एमएसएमई के विकास एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाया गया है। विभाग द्वारा एमएसएमई को रियायती दर पर उद्योग स्थापना के लिए पारदर्शी तरीके से ऑनलाईन भूमि आवंटित किया जा रहा है। स्थापित उद्योगों को निवेश पर अनुदान सिंगल क्लिक के माध्यम से केन्द्रीयकृत व्यवस्था अंतर्गत प्रदान किया जा रहा है। साथ ही ऐसे उद्यमी, जिनके पास स्वयं का उद्यम स्थापित करने हेतु पूंजी उपलब्ध नहीं है उन्हें बैंक के माध्यम से मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना अंतर्गत बिना गारंटी के रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में नवाचार संस्कृति को बढ़ावा दिये जाने के लिए स्टार्टअप को प्रत्येक चरण में प्रोत्साहित कर इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया जा रहा है।

मंत्री काश्यप ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा नवीन निवेश अनुकूल नीतियाँ लागू की गई हैं जिनके कारण प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ावा मिल रहा है। प्रदेश में पहली बार एमएसएमई इकाईयों को अनुदान समय पर वितरित किया जा रहा है। वर्ष 2025-26 में रूपये ₹1300 करोड़ का अनुदान वितरित किया गया था। वर्ष 2026-27 में रविवार को होने वाले वितरण को शामिल करते हुए रूपये ₹1085 करोड़ वितरित हो जायेगा।

एमएसएमई मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 2,081 स्टार्टअप को भारत सरकार द्वारा अधिमान्यता प्रदान की गई हैं। वर्ष 2026-27 में 1,302 स्टार्टअप पंजीकृत हुए हैं।कार्यक्रम में विभाग की इन्हीं गतिविधियों अंतर्गत उद्यमियों व स्टार्टअप को सहायता/सुविधा का वितरण किया जाना है एवं कार्यक्रम में उपस्थित कुछ लाभांवित उद्यमियों/स्टार्टअप द्वारा अपने अनुभव साझा किये जाएगे।